भाजपा में अंदरूनी कलह बढ़ने लगी है। बिल्सी विधानसभा सीट के दावेेदार तीन नेता इसके शिकार हुए हैं। पहले ठाकुर उमेश राठौर भाजपा नेत्री से दुष्कर्म के आरोप में फंसे। बाद में पार्टी ने बिल्सी सीट से दावेदार पीसी शर्मा और सीमा चौहान को निष्कासित कर दिया। पार्टी सब कुछ ठीक-ठाक दिखाने की कोशिश में लगी है, लेकिन पार्टी में सब कुछ ठीक-ठाक है, ऐसा लग नहीं रहा है।
सूबे में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में घमासान शुरू हो गया है। पार्टी के बड़े नेताओं की छीछालेदर भी शुरू हो गई है। तीन दिन पहले भाजपा की एक नेत्री ने वरिष्ठ नेता उमेश राठौर के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे पार्टी असहज नजर आ रही थी। अब वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा और सीमा चौहान का भाजपा से निष्कासन हो गया। गौर करने वाली बात यह है कि रेप केस में फंसे उमेश राठौर और निष्कासित पीसी शर्मा, सीमा चौहान की दावेदारी बिल्सी विधानसभा सीट से ही थी। पीसी और सीमा 2012 का विधानसभा चुनाव भी इस सीट से लड़ चके थे थे। उमेश राठौर 2007 का चुनाव बिनावर से लड़े थे। 2017 के चुनाव में वह भी बिल्सी सीट से दावेदार थे। पूरी पार्टी भले कोई सफाई दे, लेकिन पार्टी की अंदरूनी कलह को लेकर चर्चाएं आम हो गई हैं।
पार्टी में कोई गुटबंदी नहीं है। अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। रही बात विधानसभा विशेष के प्रत्याशियों की तो इसे संयोग ही कहा जाएगा।
-प्रेमस्वरूप पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष