बदायूं। बर्ड फ्लू के खतरे के बीच सोमवार को भी वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की नौ टीमों ने जिले में विभिन्न स्थानों पर अभियान चलाकर 80 पक्षियों के सैंपल लिए। सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई भेजे गए हैं। इससे पहले जिले में 14 जनवरी को अभियान चलाकर 326 पक्षियों के नमूने लेकर जांच को आईवीआरआई भेजे गए थे। इसी तरह 15 जनवरी को 151, सोलह तारीख को 58 और रविवार को 67 पक्षियों के सैंपल जांच को भेजे गए थे। हालांकि अब तक कोई पॉजिटिव मामला सामने नहीं आया है।
पड़ोसी जिला पीलीभीत में बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद से जिले में ज्यादा सतर्कता बरती जा रही है। सोमवार को पशु पालन विभाग की पांच और वन विभाग की चार टीमों ने सैंपलिंग की। इस दौरान जिले में 12 स्थानों से 80 पक्षियों के सैंपल लिए गए। इनमें मुर्गी और जंगली पक्षियों के सैंपल शामिल हैं। टीमों ने क्लोएकल के 47, ओरोफैरिंजीयल के 22 और सीरम के छह सैंपल जांच को भेजे हैं। बिसौली की टीम ने करनपुर और मुड़िया नसरुल नदी के पास से 15 पक्षियों के सैंपल लिए। दातागंज की टीम ने डिओरी बाग से पांच जंगली पक्षियों के सैंपल लिए। सदर की टीम ने 38, सहसवान की टीम ने 10, बिसौली की टीम ने 15 और बिल्सी की टीम ने 12 पक्षियों के सैंपल लिए हैं।
हालांकि, अब तक जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग की टीमें बर्ड फ्लू को लेकर लोगों को जागरूक भी कर रही हैं। मांस और पोल्ट्री उत्पाद विक्रेताओं को भी प्रशिक्षित किया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके जादौन ने बताया कि नौ टीमें लगातार अभियान चला रही हैं। लोगों को भी जागरूक रहने की जरूरत है। एक-दो पक्षियों की मौत का कारण सर्दी या अन्य हैं। अब तक बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।