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बर्ड फ्लू: रघुनाथपुर में कबूतर की मौत, 67 पक्षियों के सैंपल लिए

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बदायूं/उघैती। बर्ड फ्लू के खतरे के बीच जिले में संदिग्ध हालात में पक्षियों के मरने का क्रम जारी है। हालांकि, अब तक जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। उझानी और दहगवां में पक्षियों की मौत के बाद उघैती के गांव रघुनाथपुर पीपरी में रविवार को कबूतर की संदिग्ध हालात में मौत का मामला सामने आया। ग्रामीणों ने इस बारे में सूचना कंट्रोल रूम में कॉल करके दी। इसके बाद बिसौली की टीम मौके पर पहुंच गई। इस टीम ने आसपास से 10 पक्षियों के सैंपल लिए।
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बर्ड फ्लू के खतरे के मद्देनजर जिले में पशु चिकित्सा विभाग की पांच और वन विभाग की चार टीमें आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। जिले में 14 जनवरी को अभियान चलाकर 326 पक्षियों के नमूने जांच के लिए आईवीआरआई भेजे गए थे। 15 जनवरी को फिर से 151 पक्षियों के नमूने भेजे गए। 16 जनवरी को 58 पक्षियों के नमूने आईवीआरआई जांच को भेजे गए। किसी भी भी रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई। रविवार दोपहर रघुनाथपुर पीपरी के ग्रामीणों ने कंट्रोल रूम को खबर दी कि गांव में कबूतर की संदिग्ध हालात में मौत हो गई है। इस पर टीमें हरकत में आ गईं। बिसौली की टीम मौके पर पहुंच गई। इस टीम ने रघुनाथपुर पीपरी और मुड़िया धुरेकी में 10 पक्षियों के सैंपल लिए। इस दौरान क्लोएकल के 34, ओरोफैरिंजीयल के 24, और सीरम के नौ सैंपल लिए गए। दातागंज की टीम ने 10 ,सदर की टीम ने 20, सहसवान की टीम ने 15 और बिल्सी की टीम ने 10 सैंपल लिए।
सर्दी और अन्य कारणों से हो रही पक्षियों की मौत
पशु चिकित्सा विभाग और वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अब तक जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। एक-दो पक्षियों की मौत के जो मामले सामने आ रहे हैं वे सर्दी या अन्य कारणों से मौत के मामले हैं। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके जादौन ने बताया कि अगर पांच या पांच से ज्यादा पक्षी एक ही स्थान पर मरते हैं तो बर्ड फ्लू की संभावना हो सकती है। आम लोगों को भी जागरूक रहने की जरूरत है। अंडा और मांस अच्छी तरह पका कर खाएं। अगर किसी स्थान पर पक्षी की मौत का मामला सामने आता है तो कंट्रोल रूम को सूचना दें।
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रघुनाथपुर पीपरी में कबूतर की मौत की सूचना पर बिसौली की टीम ने आसपास के गांवों से 10 पक्षियों के सैंपल लिए हैं। अब तक जिले में बर्ड फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है। पशु चिकित्सा विभाग की पांच और वन विभाग की चार टीमें लगातार पक्षियों के सैंपल ले रही हैं। अब तक जिन पक्षियों की मौत हुई है उसके पीछे ज्यादा सर्दी या अन्य कारण हैं। घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
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- डॉ. एके जादौन, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी
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