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Budaun News: आज से रजिस्ट्री से पहले क्रेता और विक्रेता की बॉयोमीट्रिक अनिवार्य

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शहर में ​स्थित रजिस्ट्री कार्यालय।संवाद
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बदायूं। जमीनों की रजिस्ट्री में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए निबंधन विभाग आज से बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब क्रेता-विक्रेता के फिंगर प्रिंट (बायोमीट्रिक) का उनके आधार कार्ड के डाटा में फीड फिंगर प्रिंट से मिलान किया जाएगा। दोनों फिंगर प्रिंट एक जैसे मिलने पर ही जमीन या घर-मकान की रजिस्ट्री हो सकेगी। अंतर मिलने पर रजिस्ट्री खारिज कर दी जाएगी।
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इसके लिए रजिस्ट्रार कार्यालयों में बॉयोमीट्रिक मशीनें लगाई जाएंगी।जिले के सदर सहित छह रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रतिदिन 120 से 150 जमीनों की रजिस्ट्री होती है। अब तक क्रेता-विक्रेता के अंगूठे व अंगुलियों के निशान लिए जाते हैं, ऐसे में कई बार फर्जीवाड़ा होने की भी शिकायतें अधिकारियों के पास आती रहती हैं।
रजिस्ट्री में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए सरकार ने आधार डाटा से सत्यापन कराना अनिवार्य कर दिया है। अब रजिस्ट्रार कार्यालयों में बॉयोमीट्रिक मशीन से क्रेता-विक्रेता के अंगूठे व अंगुलियों के निशान का आधार कार्ड के डाटा से मिलान किया जाएगा। मिलान होने पर ही अब रजिस्ट्री संभव हो सकेगी।
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इस नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्रार कार्यालयों में रजिस्ट्री का सॉफ्टवेयर डिजिटल रूप से आधार से लिंकअप किया गया है। अब जमीन के दस्तावेजों में आधार कार्ड की जानकारी तो देनी ही होगी, साथ ही अंगुलियों के निशान लेकर इसका आधार कार्ड के डाटा से सत्यापन किया जाएगा। उसके बाद ही रजिस्ट्री हो सकेगी।

मशीन ने नहीं पकड़े निशान तो हो सकती है परेशानी
नई व्यवस्था के तहत बैनामा कराने के लिए अब क्रेता और विक्रेता का मौजूद होना जरूरी होगा। महेश राठौर, उमंग सक्सेना, नवनीत शर्मा का कहना है कि यह सुविधा बेहतर है। इससे फर्जीवाड़ा पूरी तरह से रुक जाएगा। हालांकि इसमें कुछ नई परेशानी सामने आ जाएंगी। कई बार देखा गया है कि लोगों का अंगूठा मैच नहीं होता। ऐसे में अंगूठा मैच कराने के चक्कर में बर्बाद होगा। साथ ही कई बार बेवसाइट और नेट की भी दिक्कत परेशान कर सकती है। वहीं कई बार बुजुर्गों के निशान बॉयोमीट्रिक मशीन पकड़ नहीं पाती, इससे भी रजिस्ट्री के वक्त परेशानी हो सकती है।

ये होंगे फायदे
- कोई विक्रेता एक ही जमीन को फर्जीवाड़ा कर दो बार नहीं बेच सकेगा।
- आधार डाटा से रजिस्ट्री के लिंकअप होने से जब चाहे आधार कार्ड के डाटा से जमीन की जानकारी की जा सकेगी।

- बेनामी जमीनों की बिक्री भी रुक जाएगी।


शासन की ओर से बॉयोमीट्रिक अनिवार्य कर दी गई है। यह बदलाव आज से जिले के सभी रजिस्ट्री कार्यालयों में प्रभावी हो जाएगा। इसके लिए पहले से भी सारी तैयारियां कर ली गईं हैं। - सैय्यद नदीम रजा, सब रजिस्ट्रार उप निबंधक कार्यालय
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