बदायूं। जिला महिला अस्पताल में डॉक्टरों और कर्मचारियों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अस्पताल प्रशासन की ओर से बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लागू होने से अब घर बैठे वेतन लेना संभव नहीं होगा। सभी डॉक्टरों व स्टाफ को समय से अस्पताल पहुंचकर अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. शोभा अग्रवाल ने बताया कि लंबे समय से शिकायतें मिल रहीं थीं कि कई डॉक्टर और कर्मचारी ड्यूटी के समय अस्पताल में उपस्थित नहीं रहते। इससे मरीजों को उपचार के लिए परेशान होना पड़ता है। कई बार मरीज घंटों इंतजार करने के बाद भी बिना इलाज मिले ही लौटने को मजबूर हो जाते थे।
उन्होंने बताया कि बायोमैट्रिक व्यवस्था लागू होने से मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध हो सकेगा। इससे अस्पताल की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही भी तय होगी। सीएमएस का कहना है कि यह कदम मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, जल्द ही सभी विभागों में बायोमैट्रिक मशीन स्थापित कर दी जाएंगी। इसके बाद डॉक्टरों और कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेगा। इसी के आधार पर वेतन भुगतान किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई भी की जाएगी।
सीसी कैमरे की निगरानी में लगेंगी बायोमैट्रिक मशीनें
जिला महिला अस्पताल में पहले भी बायोमैट्रिक से कुछ समय उपस्थिति लगी। बाद में मशीनें खराब हो गईं। इसके बाद इन्हें सही नहीं कराया गया। इस बार बायोमैट्रिक मशीनें सीसी कैमरों की निगरानी में लगाई जाएंगी, ताकि मशीन से अगर कोई छेड़छाड़ कराता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई संभव हो सकेगी।