बदायूं। कछला गंगा घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए अब एक और आकर्षण केंद्र विकसित किया जा रहा है। कछला गंगाघाट से पहले बितरोई मोड़ के पास 6.64 करोड़ रुपये की लागत से 50 हेक्टेयर रकबा में बनाए जा रहे बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 48 फीसदी काम पूरा हो चुका है। यह पार्क केवल प्राकृतिक सौंदर्य का केंद्र नहीं होगा, बल्कि पूरे जिले में पर्यावरण संरक्षण और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पार्क में जैव विविधता को संरक्षित रखने के लिए विभिन्न हिस्सों को अलग-अलग श्रेणियों में विकसित किया जा रहा है। यहां प्राकृतिक वनस्पतियों, औषधीय पौधों, छायादार वृक्षों और छोटी जल संरचनाओं को शामिल करते हुए एक विस्तृत हरित क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। पार्क में पाथवे, ओपन ग्रीन स्पेस, बैठने की जगहें और विश्राम बिंदु बनाए जा रहे हैं ताकि आने वाले लोगों को प्राकृतिक वातावरण का सुकून मिल सके। इसी कड़ी में पार्क में हट (झोंपड़ीनुमा विश्राम स्थल) बनाने की तैयारी चल रही है। जल्द ही इस दिशा में काम शुरू कर दिया जाएगा।
बटर फ्लाई पार्क का काम पूरा
पार्क का सबसे आकर्षक और अनूठा हिस्सा बटरफ्लाई पार्क है, जो पूरी तरह तैयार हो चुका है। इस हिस्से में दर्जनों प्रजातियों की तितलियों को सुरक्षित और अनुकूल माहौल उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रकार का हरित क्षेत्र तैयार किया गया है। अलग-अलग प्रकार के फूलदार पौधे, झाड़ियां और नमी बनाए रखने वाली संरचनाएं स्थापित की गई हैं।
अधिकारियों का कहना है कि बटरफ्लाई पार्क बच्चों, युवाओं और शोधकर्ताओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। इसके अलावा पार्क में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई मॉडल भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें वर्षा जल संचयन, मिट्टी संरक्षण, प्राकृतिक खेती और वेटलैंड इकोसिस्टम के प्रदर्शन शामिल होंगे। इससे छात्रों, स्थानीय निवासियों और प्रकृति प्रेमियों को पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
कछला के पास में बायोडायवर्सिटी पार्क बनाया जा रहा है। तेजी से काम किया जा रहा है। समय अवधि में काम को पूरा कर लिया जाएगा।
-निधि चौहान, डीएफओ, बदायूं