उझानी में निर्माणाधीन बायोडायवर्सिटी पार्क। संवाद
बदायूं/उझानी। गंगा की कटरी में दहेमू गांव के पास बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण कार्य उम्मीद की अनुरूप रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। तय समय सीमा में निर्माण कार्य पूरा होने की उम्मीद भी नजर नहीं आती। परिसर में कुछ और बदलाव होने के संकेत के बीच वन विभाग की टीम ने पिछले दिनों पांच हट बनाने के भूमि चिह्नित कर ली है।
बायोडायवर्सिटी पार्क का निर्माण कार्य करीब ढाई साल पहले शुरु हुआ था। केंद्र सरकार की नमामि गंगे योजना के तहत करीब 6.64 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहे पार्क का रकबा 50 हेक्टेयर है। वन विभाग की देखरेख में निर्माणाधीन पार्क की तारकशी के दौरान पिछले साल दावा किया गया था कि 2026 तक सभी काम पूरे कर लिए जाएंगे, लेकिन प्रगति गति देखकर नहीं लग रहा है कि समय से यह पूरा किया जा सकेगा। परिसर में अतिथि और प्रकृति संरक्षण जोन भी बनने हैं। प्रकृति संरक्षण जोन पर जीव जंतुओं और अतिथि जोन का लाभ पर्यटकों को मिलेगा। दोनों के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई थी। बरेली- मथुरा हाईवे चौड़ीकरण शुरू होने से पहले ही परिसर में कुछ बदलाव किए जाने हैं। इसी वजह से निर्माण कार्य सुस्त आई है। पिछले दिनों वन विभाग की एक टीम ने परिसर का निरीक्षण किया था। उसी दौरान परिसर में पर्यटकों के लिए पांच हट का निर्माण कराने के लिए भूमि का चयन कर लिया। आसार है 2027 तक बायोडायवर्सिटी पार्क बन जाय।
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पर्यटकों को भी लुभाएगा पार्क, जीव- जंतुओं को मिलेगा संरक्षण
कछला गंगाघाट से करीब तीन किलोमीटर दूर बायोडायवर्सिटी पार्क है। घाट पर आस्था की डुबकी लगाने के लिए पूर्णिमा और विशेष स्नान पर्व पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। उन्हें बायोडायवर्सिटी पार्क में जाकर लुत्फ उठाने का मौका भी मिलेगा। गंगा किनारे खासकर सर्दी के दिनों में कई प्रजाति के पक्षियों की आवाजाही रहती है। पार्क में उन्हें प्रकृति के अनुरूप माहौल मिलेगा तो अन्य जीव- जंतुओं की तरह उस ओर आकर्षित होंगे।
-बायोडायवर्सिटी पार्क परिसर में कुछ बदलाव होने हैं। जो बदलाव होंगे, वह हाईवे चौड़ीकरण के अनुरूप होंगे। निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। पार्क का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा करा दिया जाएगा। - प्रदीप कुमार, डीएफओ, बदायूं