आधे घंटे तक परिजन ने लगाया जाम
तरुण का शव लाने के बाद परिजन ने ग्रामीणों संग शाम 4 बजे कछला-बिसौली-आसफपुर-शाहबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने आरोपी डंपर चालक को पकड़ने की मांग उठाई। साथ ही कहा कि सुबह बड़ी संख्या में ओवरलोड डंपर इसी सड़क से निकलते हैं। बड़ी संख्या में युवा अग्निवीर बनने के लिए तैयारी कर रहे हैं। उनकी जान को भी खतरा बना रहता है।
ग्रामीणों ने सुबह आठ बजे तक डंपरों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की। जाम लगने से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना पर बिसौली इंस्पेक्टर कमलेश मिश्रा मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों को समझाया। पुलिस की सख्त कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोला। ग्रामीणों ने एक साथ 30 से 40 डंपरों के निकलने पर रोक लगाने की मांग उठाई।
हादसे के बाद परिवार में मचा कोहराम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां बोली- सेना में जाने से पहले ही बलिदान हो गया मेरा लाल
सेना में जाने से पहले ही बलिदान हो गया मेरा लाल... करुण क्रंदन करते हुए ये शब्द जब तरुण की मां हेमलता के मुख से निकले तो हर किसी की आंख नम हो गई। बोलीं- बेटे ने हाल में ही भारतीय सेना में अग्निवीर की लिखित परीक्षा पास की थी, वह शारीरिक दक्षता परीक्षा पास करने के लिए अभ्यास कर रहा था।
भारतीय सेना में अग्निवीर बनने का सपना संजोए 18 वर्षीय तरुण की सड़क हादसे में मौत होने के बाद मनोज के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। पोस्टमॉर्टम के बाद बृहस्पतिवार को जब तरुण का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। परिवार को उम्मीद थी कि तरुण सेना की वर्दी पहनकर उनका नाम रोशन करेगा।
लिखित परीक्षा में उसके चयन की तैयारी को लेकर घर में खुशी का माहौल था, लेकिन हादसे ने परिवार के सारे सपने चकनाचूर कर दिए। तरुण की इकलौती बहन अन्नू भी भाई की मौत से बदहवास थी। रक्षाबंधन से ठीक एक दिन पहले भाई का साथ छूट जाने पर वह फूट-फूटकर रोती रही। वह बार-बार कहती रही, भइया लौट आओ, रक्षाबंधन पर राखी किसके हाथ पर बांधूंगी।