दातागंज। दातागंज कोतवाली क्षेत्र में बृहस्पतिवार रात सड़क हादसे ने दो परिवारों की खुशियां छीन लीं। सड़क किनारे खड़े डनलप से बाइक टकराने के बाद मामा और भांजे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक पर पीछे बैठी मामी गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। तेज टक्कर के चलते दोनों युवकों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जो उनकी मौत का कारण बनीं। वहीं घायल महिला का अस्पताल में उपचार जारी है। घटना के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।
पुलिस के अनुसार, दातागंज कोतवाली के डहरपुर गांव के निवासी सुखबीर (40) पुत्र कृपाल अपनी पत्नी धन देवी (35) और भांजे ओमवीर (30) पुत्र नरेश निवासी कालिया टांडा थाना आंवला जिला बरेली के साथ मूसाझाग थाना क्षेत्र के सहोरा गांव से रिश्तेदारी में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहे थे।
जैसे ही उनकी बाइक बदायूं-दातागंज रोड पर डहरपुर और सराय गांव के बीच पहुंची, तभी सड़क किनारे खड़े डनलप से बाइक जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक की रफ्तार तेज थी। अंधेरा होने के कारण चालक को सड़क किनारे खड़ा डनलप दिखाई नहीं दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे।
हादसे के बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर दौड़ पड़े। तीनों घायलों को खून से लथपथ हालत में देखकर लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को दातागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने सुखबीर और ओमवीर को मृत घोषित कर दिया। घायल धन देवी का प्राथमिक उपचार के बाद इलाज जारी है। चिकित्सकों ने उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई है।
परिवार में मचा कोहराम
मामा-भांजे की एक साथ मौत की खबर मिलते ही दोनों परिवारों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंची महिलाओं की चीख-पुकार से माहौल गमगीन हो गया। बताया जा रहा है कि सुखबीर मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे, जबकि ओमवीर भी परिवार का जिम्मेदार सदस्य था। दोनों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क किनारे भारी वाहन और डनलप खड़े रहने के कारण आए दिन हादसे होते रहते हैं, बावजूद इसके प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया है। प्रभारी निरीक्षक वेदपाल सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया हादसा सड़क किनारे खड़े डनलप से बाइक टकराने के कारण हुआ प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच की जा रही है। परिजनों की ओर से तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।