नहर में डुबोकर मार डाला
आरोपियों ने चरण सिंह को उसी ट्रॉली में डाल लिया और उसके ऊपर से प्लॉस्टिक के पाइप लाद लिए। फिर गोपाल ही उसे चलाकर अलीगढ़ के दांदौं थाना क्षेत्र में ले गया। वहीं नजदीक में गिरधरपुर की पुलिया पर दोनों ने चरण सिंह को नहर में डुबो दिया। फिर तब तक नहीं छोड़ा जब तक उसकी मौत नहीं हो गई। उनका मोबाइल भी नहर में फेंक दिया। बबलू वहां से चला आया और कामकाज देखने लगा, लेकिन गोपाल नहीं आया था। उसे मामला खुलने का डर था।
जो टीम अलीगढ़ गई थी, उसने देर रात गोपाल को भी गिरफ्तार कर लिया और उससे यहां लाकर पूछताछ की गई। इसके बाद उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि चरण सिंह नशे में गाली-गलौज कर रहे थे, उन्होंने मारपीट कर दी। यहां पकड़े जाने का डर था, जिससे वह उन्हें अलीगढ़ ले गए और नहर में डुबो दिया।
डूबने से हुई थी चरण सिंह की मौत
इंस्पेक्टर अरिहंत कुमार सिद्धार्थ ने बताया कि चरण सिंह का शव नौ जून को नहर से बरामद हुआ था लेकिन उस दौरान उनकी पहचान नहीं हो पाई थी। तीन दिन तक उनका शव मोर्चरी में रखा रहा था। तब दांदौं पुलिस ने उनके शव का पोस्टमार्टम कराया। उनकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह डूबना आई। उनके शरीर पर चोटों के निशान भी मिले थे।
परिवार वालों से झूठ बोलने पर पकड़ा गया ठेकेदार
जब चरण सिंह अपने घर नहीं पहुंचे और उनका मोबाइल नंबर बंद आ रहा था। तब उनके परिवार वालों ने ठेकेदार से बात की। ठेकेदार ने उन्हें बताया कि उसने चरण सिंह को टेंपो में बैठा दिया था और उन्हें ढाई लाख रुपये भी दे दिए थे। वह हरिद्वार जाने की बात कह रहे थे। परिवार वालों ने वही बात पकड़ ली कि वह ढाई लाख रुपये लेकर हरिद्वार क्यों जाएंगे। उनका मोबाइल बंद होने से परिवार वालों ने ठेकेदार पर ही हत्या की आशंका जताई। पुलिस ने छानबीन की और मामला खुल गया।