बेसिक दफ्तर पर दो दिन शिक्षामित्रों का धरने प्रदर्शन के बाद पहले प्रमोशन पर हुई सहमति के बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों है। एक तरफ जहां विभाग ने कार्रवाई बढ़ाते हुए समस्त बीईओ को प्रमोशन के लिए आपत्ति मांगने के लिए सूची का प्रकाशन कर दो दिन में सूची देने की बात कहीं। वहीं अब बीईओ इसमें देरी कर रहे हैं। निर्धारित तिथि होने के बाद भी मंगलवार को बीईओ ने सूची विभाग को नहीं दी। इधर शिक्षकों का आरोप है कि कई जगह सूची का प्रकाशन तक नहीं किया गया। वहीं शिक्षामित्रों ने फिर हुंकार भरनी शुरू कर दी है।
शिक्षामित्रों के धरना समाप्ति के बाद 18 अप्रैल को बेसिक दफ्तर ने प्रमोशन की सूची तैयार कर बीईओ को दी थी। बीएसए ने निर्देश दिए थे कि इनका ब्लॉक पर प्रकाशन कर 19 व 20 अप्रैल को हर हाल में आपत्ति मांगते हुए 21 अप्रैल को देने के लिए कहा था, लेकिन सूची नहीं दी गई। इस आश्वासन के चलते शिक्षक और शिक्षामित्र भी खामोश बैठे हैं। वहीं शाम को शिक्षामित्रों ने फिर हुंकार भरनी शुरू कर दी। पदाधिकारियों ने कहा कि अगर विलंब हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसका जिम्मेदार विभाग होगा। जबकि शिक्षकों का कहना है कि कई जगह सूची का प्रकाशन नहीं किया गया है। शिक्षक ब्लॉक/न्याय पंचायत से लौट रहे हैं। उन्होंने साफ कहा कि अगर गलत प्रमोशन हुए तो वह इसकी शिकायत शासन स्तर पर करेंगे।
प्रमोशन प्रक्रिया चल रही है। जो निर्धारित समय तक पूरी होनी है। विभाग इसमें ढिलाई बरत रहा है। कई जगह सूची का प्रकाशन न किए जाने की भी शिकायत सामने आई है। अगर प्रमोशन गलत हुए तो इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों के समक्ष की जाएगी।
- सतीश चंद्र मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष, उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ।