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Budaun News: बिहार की पुलिस ने चोरों के घरों में कराई खोदाई, जेवरात बरामद

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बिहार पुलिस द्वारा जारी किया गया चोरों का फोटो।स्रोत-पुलिस
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कादरचौक। थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव धनूपुरा व भोजपुर में शनिवार देर शाम बिहार पुलिस स्थानीय पुलिस के साथ पहुंची। बिहार पुलिस के साथ आरोपी भी थे। गांव पहुंची पुलिस ने चोरों की निशानदेही पर घर में दबे सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए। देर रात आरोपियों के साथ पुलिस बिहार लौट गई।
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पुलिस ने बताया कि वह बिहार राज्य के थाना व कस्बा खरीक से यहां आए हैं। उनके साथ बदायूं जनपद के थाना कादरचौक के गांव धनूपुरा व भोजपुर के नौ चोर साथ हैं। बताया कि चोरों ने सराफा की दो दुकानों को निशाना बनाकर करीब 20 लाख रुपये चोरी की घटना को अंजाम दिया है। चोर घटना करने के बाद 25 नवंबर को बदायूं अपने गांव आ गए। दो-चार दिन रुकने के बाद फिर से बिहार पहुंचे और एक और सराफा की दुकान को निशाना बनाया।
पुलिस पड़ताल में कुछ नाम सामने आए जिस पर पुलिस ने उनको हिरासत में लेकर पूछताछ की तो नौ चोरों के नाम सामने आए। चोरों में बदायूं के थाना कादरचौक क्षेत्र के गांव धनूपुरा निवासी हाकिम सिंह, रामनरेश, मुकेश कुमार, राजपाल, आनंद सिंह, धारा सिंह, विजय प्रताप उर्फ बीपी तथा भोजपुर निवासी सुनील व राजेश शामिल होना पाए गए।
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पुलिस ने सभी चोरों को हिरासत में लिया और शनिवार की शाम बदायूं के कादरचौक थाना पहुंची। रात में बिहार पुलिस ने चोरों के घरों में खोदाई कराई। चोरों ने गड्ढा खोदकर घर में ही सोने के आभूषणों को दबाने की बात कबूल की थी। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर लिए। दोनों सराफा की दुकानों से चोरों ने करीब 20 लाख से अधिक रुपये के जेवर चुराए थे।

राजस्थान के मूल निवासी हैं यहां रहने वाले लोग
कादरचौक के गांव धनूपुरा के मजरा नगरा व भोजपुर में रहने वाले लोग मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले हैं। सालों पहले यह लोग यहां आकर बस गए थे। पहले तो झोंपड़ी डालकर रहने लगे और कुछ ही सालों में कोठियां खड़ी कर लीं। यहां रहने वाले अधिकांश लोगों का काम अन्य प्रदेशों में जाकर सराफा व बैक काटना है। दर्जनों लोग पुलिस मुठभेड़ में भी मारे जा चुके हैं, जबकि दो दर्जन से अधिक लोग बिहार, पश्चिम बंगाल आदि प्रदेशों में जेल में सजा काट रहे हैं।

राजस्थान में बनाते हैं कोठियां
बाहर प्रदेशों में चोरी कर मोटी रकम जमा कर यह लोग राजस्थान में कोठियां बनाते हैं। धनूपुरा व भोजपुर में जमीनें खरीदते हैं। चुराए सोने-चांदी को सराफ के यहां नहीं, बल्कि घर से ही जरूरतमंद लोगों को सस्ते में बेच देते हैं। यह लोग जत्था बनाकर बिहार, पश्चिमी बंगाल जाते हैं। वहां कई दिन तक कपड़ा, कंबल आदि बेचकर रेकी करते हैं। मामला पूरी तरह से निगाह में भरने के बाद चोरी की घटना को अंजाम देते हैं।

स्थानीय पुलिस से सरगना रखता है सांठगांठ
इन चोरों का सरगना चौकी मुहम्मदगंज व थाने में अपनी सांठगांठ रखता है। पुलिस इन पर हाथ नहीं डालती। मोटी रकम पुलिस को यह चोर देते हैं। गांव में अवैध शराब बनाने का काम बड़े पैमाने पर किया जाता है। गांव में अधिकांश महिलाएं ही रहती हैं, जबकि पुरुष बाहर कमाने के नाम पर डकैती डालते हैं।


धनूपुरा गांव की 25 साल से प्रधानी कर रहा राजस्थानी
धनूपुरा गांव का मजरा नगरा है। इस गांव में रहने वाले सभी लोग राजस्थान के मूल निवासी हैं। यहां उन्होंने अपना वर्चस्व इतना कायम कर लिया है कि 25 साल से नगरा गांव के रहने वाले राधेश्याम ही प्रधान हैं, जबकि धनूपुरा गांव ब्राह्मणों का है।


बिहार की पुलिस आई थी। कुछ आरोपियों को साथ लेकर आई थी। उन्होंने हमें सूचना देने के बाद कार्रवाई की है। बिहार से चुराए गए जेवरात भी बरामद कर ले गई है। - उदयवीर सिंह, प्रभारी निरीक्षक कादरचौक
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