अध्यक्ष ने कहा कि यह भारतीय संविधान की व्यवस्था का सुपरिणाम है कि जो एससी दलितों को भी उच्च पदों पर मौका मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मधु चंद्रा दलित परिवार की तीसरी पीढ़ी की हैं। उनके दादा केसोराम, और उसके बाद भोला शंकर मौर्य और तीसरे पीढ़ी में विधायक आशुतोष मौर्य के साथ उनकी बहन को अपने राजनीतिक कौशल से मौका मिला है।