टीईटी मेरिट भर्ती प्रक्रिया में नियुक्ति पाकर स्कूलों में प्रशिक्षण को ज्वाइन कर चुके प्रशिक्षुओं के दस्तावेजों के सत्यापन की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नियमित हुए शिक्षामित्रों के सत्यापन में लेटलतीफी के दौरान हुई परेशानी से सबक लेते हुए इस बार बेसिक कार्यालय ने प्रशिक्षुओं की ज्वाइनिंग के एक सप्ताह में ही सत्यापन का प्रारंभिक कार्य शुरू कर दिया है। इससे जल्द मानदेय मिलने की उम्मीद भी है।
गौरतलब है कि करीब तीन साल के बाद टीईटी मेरिट के आधार पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। इसके लिए चार काउंसिलिंग कराने के उपरांत 20 जनवरी से नियुक्ति पत्र बांटे गए। पहले चरण में चयनित हुए करीब सात सौ 31 अभ्यर्थियों ने 27 जनवरी तक स्कूलों में ज्वाइन भी कर लिया। चूंकि छह महीने प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रशिक्षुओं को सात हजार तीन सौ रुपये का मानदेय दिया जाना है। लिहाजा इसे देखते हुए सत्यापन प्रक्रिया को शुरू कराने का निर्णय ले लिया गया है। बीएसए दफ्तर के लोगों की माने तो नियमित हुए शिक्षामित्रों के सत्यापन के वक्त आई परेशानियों से सबक लेते हुए सत्यापन की प्रारंभिक प्रक्रिया को जल्द शुरू कराया गया है, ताकि समय से सत्यापन हो जाए और अग्रिम कार्रवाई को बढ़ाया जाए। इससे ज्वाइन कर चुके अभ्यर्थियों को भी जल्द मानदेय मिलने की उम्मीद जाग उठी है।
बता दें कि शिक्षामित्रों को अगस्त माह में समायोजित किया गया था लेकिन उनका सत्यापन कार्य पांच महीने बीतने के बाद भी ढंग से पूरा नहीं हो सका है। बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने बताया कि प्रशिक्षु भर्ती के ज्वाइन कर चुके प्रशिक्षुओं के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रारंभिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।