शहर के बाईपास के लिए जमीन चिह्नांकन कर हिस्टोमीटर पर लाल झंडियों से अधिग्रहण को स्थान सुरक्षित कर लिया गया है। वहीं दो गांवों के किसानों से बैनामा कराने का सिलसिला जारी है। सबसे अहम यह है कि शनिवार से बाईपास निर्माण के लिए मशीनों से काम भी शुरू कर दिया गया। फिलहाल लेवलिंग का काम चल रहा है।
पीडब्ल्यूडी के एई विजय कुमार के साथ अमीन राम सिंह, जेई हरप्रसाद, सूबे सिंह, तेज सिंह और लेखपाल सुरेंद्र कुमार ने चिह्नांकन से अब तक कमान संभाली हुई है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले ही पीडब्ल्यू और राजस्व विभाग ने नौ गांवों के रकबे में से सभी जगह चिह्नांकन का काम पूरा कर लिया। जिन गांवों के रकबे बाईपास में आ रहे हैं, उनमें लौड़ा बहेड़ी, गंगचौरा, सिरसाठेर, बदायूं देहात, अकरम नगर गढ़ी, भगवतीपुर, आरिफपुर नवादा और खेड़ा बुजुर्ग गांव शामिल हैं। बाईपास के लिए नौ गांवों में किसानों की मुआवजा राशि 10 करोड़ से अधिक बनने के कारण कमिश्नर के यहां से जमीन का अधिग्रहण हुआ है। बाईपास के लिए शासन से 44.08 करोड़ स्वीकृत हैं। इसमें पहली किस्त के रूप में 16 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। सभी नौ गांवों की मुआवजा राशि की लिस्ट बना ली गई है।
बाईपास:फैक्ट फाइल
लंबाई : 8.25 किमी
चौड़ाई : 34 मीटर