ब्लाक प्रमुख चुनाव में शिकस्त से बचने के लिए सत्ता पक्ष ने हर हथकंडा अपनाया। इतना ही नहीं कोई सदस्य गच्चा न दे जाए इसके लिए 30 सदस्यों के जिला अस्पताल से अक्षम प्रमाण पत्र बनवा लिए गए। दबाव में तीन डॉक्टरों के पैनल ने इन सदस्यों की नजर कम होने का प्रमाण पत्र दे दिया।
शनिवार रात जिला अस्पताल में डॉ. हरपाल सिंह, डॉ. रियाज अहमद और डॉ. प्रवीना माहेश्वरी का एक पैनल बनाया गया। 50 गाडिय़ों में भरकर 50 बीडीसी सदस्यों को अस्पताल लाया गया। रात भर यहां खेल चला। डॉक्टरों के पैनल ने बिना जांच किए इनमें से 30 बीडीसी सदस्यों की नजर कमजोर होने के प्रमाण पत्र जारी कर दिए। ऐसा इसलिए किया गया ताकि इन बीडीसी सदस्यों का वोट हेल्पर के जरिए डलवाया जा सके। जिन बीडीसी सदस्यों को नजर कमजोर होने के प्रमाण पत्र दिए गए उनमें ज्यादातर सालारपुर ब्लाक के हैं। सत्ता पक्ष के एक विधायक की इसमें अहम रोल रहा।
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समर्थकों के साथ दिखे बनवारी सिंह और आशीष यादव
उझानी। सपा प्रत्याशी रत्नेश यादव के पक्ष में पार्टी जिलाध्यक्ष बनवारी सिंह यादव और विधायक आशीष यादव भी उझानी पहुंचे। मतदान शुरू होने से पहले वह यहां से चले गए।