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शान से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी

Mon, 05 Jan 2015 01:03 AM IST
badaun
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सूफियाना जमीं बदायूं में जुलूस-ए-मोहम्मदी शान-ओ-शौकत के साथ निकाला गया। खराब मौसम के बावजूद बड़ी तादाद में लोगों ने जुलूस में शिरकत की। शहर नही नहीं आसपास के गांवों से भी लोग इसमें शामिल हुए। उत्साह और उमंग के साथ डीजे लगी गाड़ियाें और बाइकों के जुलूस के साथ इसमें शामिल हुए। बाद में मेन जुलूस में लोगों ने पैदल ही शिरकत की। इस्लामिक झंडे और झांकियों के साथ जुलूस नियत मार्ग से निकाला गया। हजारों लोग इसके चश्मदीद बने। घरों और दुकानों की छतों से भी लोगों ने जुलूस का दीदार किया।  
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जामा मस्जिद शमसी के बुलंद दरवाजे इस खास जुलूस के गवाह बने। यहां से शुरू हुआ जुलूस-ए-मोहम्मदी में आगे-आगे खूबसूरत गोटों और सितारों से सजे इस्लामिक झंडे लिए लोग थे। हर एक में होड़ थी कि कुछ देर परचम को हाथ में लेकर वे भी लहराएं। इसके पीछे इस्लामिक इबादत में आस्था रखने वाले लोग चल रहे थे। जुलूस में शामिल मस्जिदों की आकृति वालीं ओर ग्लोब में इस्लामिक आस्थाओं के स्थल दिखाने वाली झांकियां शामिल रहीं। इन झांकियों पर बरबस ही लोगों नजरें ठहर रहीं थीं। तमाम लोग जुलूस के रास्तों में मकान और दुकानों की छतों पर जुलूस देखने इकट्ठे थे। गाड़ियों में लगे डीजे सिस्टम से नातिया कलाम पेश किया जा रहा था। काजी-ए-जिला के बेटे अज्जाम मियां कादरी और इस्लामिक धर्म गुरू इस खास मौके पर जुलूस में शामिल रहे। जुलूस में शामिल लोगों का इससे जोश जारी रहा। पुलिस बल के साथ जुलूस पर अधिकारियाें की पूरी निगरानी रही।
इन रास्तों से गुजरा जुलूस
जुलूस जामा मस्जिद से शुरू होकर मीरा चौकी, चक्कर की सड़क, सोथा, जुम्मी चौक, चौधरी गंज, चौधरी सराय, कोतवाली के सामने से होता हुआ फिर जामा मस्जिद पर ही खत्म हुआ। रास्तों में जुलूस का लोगों ने खैरमकदम किया। रास्तों को झालरों और लाइटों से सजाया गया था। बैनर-पोस्टर भी लगाए गए थे।
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खाने की चीजें लुटाईं, सबीलें लगाईं
जुलूस-ए-मोहम्मदी के चलते जगह-जगह खैरमकदम को कैंप लगाए गए थे। लोगों ने जुलूस में शामिल लोगों को पकवान और बिस्कुट आदि लुटाए। वहीं सबीलें लगाकर लोगों का खैरमकदम किया गया।
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