रिटायर इंजीनियर दंपति हत्याकांड के खुलासे में जुटी एसटीएफ अब दंपति के घर से मिलीं बैंकों की पासबुकों के जरिए कातिलों की सुरागरसी की कोशिश कर रही है। दंपति के पंजाब नेशनल बैंक, भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा में बैंक खाते हैं। सोमवार को यह खाते खंगाले जाएंगे। दंपति के घर से कुछ एफडी भी पुलिस को मिली हैं। पुलिस अब यह देख रही है कि एफडी और बैंक खातों में नॉमिनी कौन है? उनकी हत्या से किसको फायदा हो सकता है?
ब्राह्मपुर निवासी रिटायर इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो के शव आठ अप्रैल की रात घर में मिले थे। उनकी चाकुओं और नुकीली रॉड से गोदकर नृशंस हत्या की गई थी। आईजी विजय मीणा, डीआईजी आरकेएस राठौर ने भी घटना स्थल का मुआयना किया था। हत्यारों को ट्रेस करने के लिए एटीएस समेत पुलिस की पांच टीमों को लगाया गया है। कातिलों की सुरागरसी के लिए बरेली और मुरादाबाद की फॉरेंसिक टीमों के साथ फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट भी लगाए गए हैं।
तलाशी में पुलिस को विजेंद्र गुप्ता के घर से पीएनबी, एसबीआई और बीओबी की पासबुकों के साथ कुछ एफडी भी मिली हैं। पुलिस अब यह देख रही है कि गुप्ता दंपति की हत्या से किसको फायदा हो सकता है। सूत्रों की मानें तो गुप्ता दंपति के बैंक खातों को खंगाला जा रहा है। एसटीएफ को उम्मीद है कि बैंक खातों से कातिलों के बारे में जरूर कोई क्लू मिलेगा।
बरेली में एक करीबी का घर खंगाला
बदायूं। हत्याकांड का खुलासा करने में जुटी पुलिस ने बुजुर्ग दंपति के बरेली में रहने वाले एक करीबी का घर खंगाला है। सूत्रों की मानें तो यहां से पुलिस को कुछ जासूसी की किताबें मिली हैं। दंपति की हत्या से दो दिन पहले यह करीबी उनके घर पर आया था। एसटीएफ और पुलिस को तफ्तीश आगे बढ़ाने के लिए कोई ठोस लाइन नहीं मिली है, लेकिन नजदीकी रिश्तेदारों, घर में रंगाई-पुताई करने वाले मजदूरों, विजेंद्र गुप्ता से ब्याज पर लेनदेन करने वालों और मुकुल एनकाउंटर को केंद्र में रखकर काम कर रही है।
बुजुर्ग दंपति के घर में ताला, रिश्तेदार लौटे
बदायूं। बुजुर्ग दंपति के घर में रविवार को ताला लग गया। इनके रिश्तेदार अपने घरों को चले गए हैं। हालांकि पुलिस ने उसने कहा है कि जब उनको बुलाया जाए तो पूछताछ के लिए आना होगा। विजेंद्र गुप्ता का बड़ा पुत्र दिल्ली के उत्तम नगर में परिवार के साथ रहते हैं। उनकी एक बेटी झांसी और एक चंदौसी में ब्याही है। नाते-रिश्तेदार घटना की सूचना मिलने पर नौ अप्रैल को आए थे। रविवार को यह सभी लोग यहां से लौट गए। इंस्पेक्टर कोतवाली एसएस बराच ने बताया कि जब भी जरूरत होगी उनको पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।
सांसद ने शोक व्यक्त किया
बदायूं। सांसद धर्मेंद्र यादव ने गुप्ता दंपति की हत्या पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं करने वाले मानवता के दुश्मन होते हैं। सांसद ने पुलिस से गुप्ता दंपति के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि किसी निर्दोष को नहीं सताया जाना चाहिए। सांसद ने गुप्ता दंपति के परिवार वालों को हर संभव सहयोग करने की बात कही है।
दो दिन बंद रहा एक करीबी का मोबाइल
बदायूं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक गुप्ता दंपति की हत्या पांच अप्रैल को कोई थी। हत्याकांड का पर्दाफाश करने में जुटी पुलिस ने सर्विलांस के जरिए गुप्ता दंपति के एक करीबी का मोबाइल नंबर ट्रेस किया है। इस नंबर की लोकेशन घटना वाले दिन ब्राह्मपुर में थी। इसके बाद दो दिन तक लगातार यह नंबर स्विच ऑफ रहा। गुप्ता दंपति के आधा दर्जन करीबियों के मोबाइल को पुलिस ट्रेस करने में जुटी हुई है। यह जानने की कोशिश हो रही है कि पांच से आठ तारीख तक इन नंबरों की क्या लोकेशन थी, और इन नंबरों से कहां-कहां बात हुई।
चार दिन, पांच टीमें: नतीजा शून्य
शातिर हत्यारों ने नहीं छोड़े क्लू
बदायूं। बुजुर्ग दंपति हत्याकांड का खुलासा करने में एसटीएफ और पुलिस की पांच टीमें जुटी हुई हैं। अब तक कातिलों के संबंध में कोई ठोस क्लू नहीं मिला है। पांच टीमें सुरागरसी में चार दिन से जुटी हुई हैं। क्लू के नाम पर नतीजा शून्य है। खुद आईजी और डीआईजी मॉनीटरिंग कर रहे हैं।
गुप्ता दंपति के शव चार दिन पहले घर में मिले थे। इससे पुलिस-प्रशासन में हडकंप मच गया था। पांच टीमें चार दिन में तफ्तीश आगे बढ़ाने के लिए कोई ठोस लाइन नहीं तलाश सकी हैं। अब तक यह भी साफ नहीं हो सका है कि गुप्ता दंपति की हत्या दिन में हुई या रात में, हत्यारों ने उनके घर में कहां से प्रवेश किया। एसपी सिटी अनिल यादव, सीओ सिटी राजेंद्र सिंह धामा भी शक के आधार पर लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। सीओ सिटी ने बताया कि कुछ क्लू मिले हैं। उन पर काम हो रहा है। उम्मीद है कि जल्द घटना का खुलासा हो जाएगा।