बीआईएमटी कॉलेज में हुई व्यक्तित्व विकास पर कार्यशाला
छात्रों को योग, प्राणायाम व किताबों से दोस्ती के जरिए खुद पर संयम रखने की दी सलाह
संयम बरतने के लिए प्राणायाम, योगा, सत्संग, सत साहित्य और महापुरुषों की बारे में पढ़ने की सलाह विद्यार्थियों को दी गई।कहा कि इससे मस्तिष्क में अच्छे विचार आते हैं। बुरे विचारों को अच्छे विचारों से ही रोका जा सकता है। इससे पूर्व प्राचार्य डॉ. उमेश पाल सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ परिचय देकर किया। इस मौके पर संस्थान के डायरेक्टर अक्षज रस्तोगी, भुवि रस्तोगी, ओमशंकर शर्मा आदि मौजूद रहे। कार्यशाला में छात्र-छात्राओं ने एडीजे के विचारों को सुनकर व्यक्तित्व निखारने में संयम बरतने की बात कही।