बदायूं। पाक्सो एक्ट और धर्मांतरण मामले के आरोपी अरबाज अली खान की जमानत न्यायाधीश दिनेश तिवारी ने खारिज कर दी है। सदर कोतवाली में पीड़िता ने चार अगस्त को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि साल 2022 में वह 16 वर्ष की थी। उसकी सहेली उसे नई सराय स्थित एक हुक्का बार में ले गई। जहां तिलक और कलाई में कलावा बांधकर मिले शिवम उर्फ अरबाज अली खान से मुलाकात हुई। पीड़िता का आरोप है कि हुक्का पिलाकर बेहोश कर उसकी अश्लील तस्वीरें खींच लीं। इसके बाद अरबाज ने उसकी अश्लील तस्वीरें और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। 14 दिसंबर 2022 को अरबाज उसे दिल्ली ले गया और वहां उसका यौन शोषण किया गया। आरोपी पीड़िता को शहर एक धार्मिक स्थल पर ले जाकर अपने समुदाय की धार्मिक पुस्तकें और नमाज पढ़ने का दबाव बनाया। उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला। मामले में पुलिस ने अरबाज को जेल भेज दिया था। उसके अधिवक्ता ने पाक्सो कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। इस पर शनिवार को सुनवाई हुई। वादी पक्ष के अधिवक्ता अरविंद पाल सिंह परमार और रोहित सक्सेना ने बताया कि न्यायालय ने जमानत खारिज कर दी है।