विपक्षी दलों का बंदी का आह्वान बेअसर
एक हजार और पांच सौ रुपये के नोटों पर प्रतिबंध लगाने के बाद विपक्ष की ओर से भारत बंद का आह्वान किया गया था, लेकिन शहर के बाजार देखकर ऐसा नजर नहीं आया। सोमवार को बाजारों की दुकानें अपने नियमित समय से खुल गईं। प्रधानमंत्री मोदी की नोटबंदी से खुश कुछ दुकानदारों ने तो समय से पहले ही दुकानें खोल दीं और बाद में बंद कीं।
नोटबंदी पर प्रधानमंत्री मोदी को घेरने के लिए विपक्ष समेत अन्य दल एकत्रित हो गए थे। इसके तहत 28 नवंबर को भारत बंदी का आह्वान किया गया था। प्रदेश के सत्तारूढ़ दल के बाजार बंद आह्वान में शामिल हो जाने पर यहां पर बाजार बंद होने की आशंका बनी हुई थी, लेकिन सोमवार को सुबह से रोजाना की तरह दुकानें खुलने लगीं। एक-दो बार कुछ नेताओं ने दुकानों को बंद कराने के लिए कोशिश की तो दुकानदारों ने उन्हें चलता किया। इससे शहर में बाजार बंदी पूरी तरह से विफल रही।
शहर में बड़ा बाजार, सराफा बाजार, इलेक्ट्रॉनिक मार्केट, अनाज मंडी, खड़सारी गोपी चौक, टिकटगंज, चूना मंडी, छह सड़का से घंटाघर समेत पूरे बाजार में दुकान रोजाना की तरह खुली नजर आईं। आह्वान के बावजूद बाजार बंदी विफल होने पर भाजपा नेताओं और समर्थकों में खुशी का माहौल रहा, जबकि अन्य दलों के नेताओं और पदाधिकारियों के चेहरे उतरे हुए नजर आए।