राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) में हुए घोटालों की परतें जल्द खुल सकती हैं। मामले में जांच कर रही सीबीआई ने यह माना है कि बदायूं में एनआरएचएम की मॉनीटरिंग सही ढंग से नहीं हुई। यही वजह रही कि नियुक्तियों से लेकर जननी सुरक्षा योजना, दवा खरीद आदि में घोटाले होते रहे। मिशन निदेशक से इस संबंध में जानकारियां छिपाई गईं। इसको लेकर बदायूं में आठ साल से जमे एनआरएचएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) सीबीआई के निशाने पर आ गए हैं। देर सबेर इनसे पूछतांछ हो सकती है।
एनआरएचएम घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। बदायूं के साथ हरदोई, सीतापुर और लखीमपुर के सीएमओ से जांच एजेंसी ने एनआरएचएम से जुड़ा 2005 से 2011 तक का रिकार्ड तलब किया था। बदायूं में तमाम रिकार्ड गायब मिले। सीबीआई बदायूं के सीएमओ को दो बार नोटिस देकर रिकार्ड तलब कर चुकी है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो जांच की सुई डीपीएम की ओर भी घूम गई है। जांच में सामने आया है कि डीपीएम ने जिले में मिशन की मॉनीटरिंग सही ढंग से नहीं की। तमाम सूचनाओं को छिपाया गया। इनमें जननी सुरक्षा योजना, बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना, दवा खरीद, निर्माण संबंधी कार्य और नियुक्तियों में भी हेरफेर शामिल है। सीबीआई सूत्रों की मानें तो इस संबंध में जांच एजेंसी डीपीएम समेत संबंधित पटल के बाबुओं से पूछताछ कर सकती है।
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जेएसवाई में घोटाला
बदायूं। जननी सुरक्षा योजना में घोटाला पहले ही साफ हो चुका है। जांच में अब सामने आया है कि कई सीएचसी-पीएचसी से जेएसवाई का रिकार्ड गायब है। दातागंज में पिछले दिनों एक ही महिला के नाम तीन महीने में चार बार जननी सुरक्षा योजना के चेक जारी होने का मामला सामने आया था। यहां भी तमाम रिकार्ड गायब हैं।
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बीएसजीवाई में मनमानी
बदायूं। बाल स्वास्थ्य गारंटी योजना में बड़ा घपला हुआ है। बीएसजेवाई के तहत परिषदीय विद्यालयों में विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण होता है। योजना में लाखों रुपये के डिजिटल कैमरे खरीदे गए थे। यह कैमरे कहां हैं किसी को नहीं पता। इतना ही नहीं प्रत्येक ब्लाक पर एक चार पहिया वाहन योजना के तहत मुहैया कराया गया है। नियमानुसार वाहनों के पास टैक्सी परमिट होना चाहिए। बदायूं में मनमाने ढंग से वाहन लगा दिए गए हैं। इनके पास टैक्सी परमिट नहीं हैं। जिला स्तर पर इस संबंध में भी सूचनाएं छिपाई गईं।
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कुछ रिकार्ड गुम होने की बात मेेरे संज्ञान में आई है। जिला कार्यक्रम प्रबंधक पर मिशन की मॉनीटरिंग का जिम्मा होता है। उनको चाहिए कि एनआरएचएम से जुड़े सभी रिकार्ड सीबीआई को उपलब्ध कराएं। अगर ऐसा नहीं है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
-डॉ. सुबोध शर्मा, एडी हेल्थ