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स्वाइन फ्लू के लिहाज से बदायूं डेंजर जोन में

Fri, 19 Feb 2016 08:36 PM IST
बदायूं।
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पिछले साल जिले में स्वाइन फ्लू के तीन केस मिले थे। इनमें उझानी के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। 2012 में ककराला में स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आए थे। यहां भी एक मौत हुई थी। इससे पहले 2010 में भी ककराला में स्वाइन फ्लू से एक जान चली गई थी। सर्दी कम होने के साथ इस साल भी स्वाइन फ्लू ने रुहेलखंड में दस्तक दे दी है। हाल ही में बरेली में पांच मौत के बाद बदायूं को डेंजर जोन में रखते हुए अलर्ट कर दिया गया है। शासन स्तर से निर्देश मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी कर ली है।
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लक्षण-
- खांसी में बलगाम और खून का आना।
- सात दिन से अधिक जुकाम रहना।
- सांस फूलना, सिर चकराना और बुखार आना।
- नाक, आंख से पानी आना और दस्त होना।
- हाई ब्लड प्रेशर के साथ बेहोश हो जाना।
 क्या करें-
- भीड़ से जहां तक हो सके दूर रहने की कोशिश करें।
- छींकते समय टिशू पेपर का इस्तेमाल करें।
- बार-बार हाथ धोने की आदत डालें।
- सार्वजनिक स्थानों पर मास्क का इस्तेमाल करें।
- लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराएं।
- पांच साल में तीन लोगों की हुई मौत
वर्ष 2010 में ककराला निवासी जितिन प्रकाश गुप्ता की (एएच1एन1) स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके अलावा वर्ष 2012 में ककराला निवासी अशरफुलनिशा पत्नी डॉ. अब्दुल हनीफ (एएच1एन1) स्वाइन फ्लू की चपेट में आई थी। इनकी भी जान चली गई। इसी तरह वर्ष 2015 उझानी के गांव रिसौली निवासी नफीस की (एएच1एन1) स्वाइन फ्लू की चपेट में आने से मौत। प्रभारी सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया, बदायूं में वर्ष 2010 और 2012 में स्वाइन फ्लू से दो लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 2015 में उझानी ब्लाक में स्वाइन फ्लू से एक जान गई। हाल ही में बरेली में स्वाइन फ्लू से मौतों के मामले सामने आने के बाद तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। स्वास्थ्य विभाग हर स्थिति से निपटने को तैयार है।
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