बदायूं। सामूहिक दुष्कर्म और महिला की हत्या के मामले में इंस्पेक्टर और दरोगा के खिलाफ एफआईआर की विवेचना बिल्सी इंस्पेक्टर को सौंपी गई है, जबकि सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की विवेचना उघैती इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार धामा कर रहे हैं।
इस मामले में निलंबित इंस्पेक्टर राघवेंद्र प्रताप सिंह और हलका इंचार्ज अमरजीत सिंह की लापरवाही मानी गई थी। चूंकि मामला तीन जनवरी की रात का था। परिवार वालों के मुताबिक उन्होंने पुलिस को सूचना दी थी, लेकिन पुलिस दूसरे दिन शाम चार बजे तक मौके पर नहीं पहुंची थी। शाम करीब छह बजे महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। तब तक पोस्टमार्टम कराने का समय निकल चुका था। इससे महिला के शव का पोस्टमार्टम मंगलवार दोपहर के समय हो सका। उसी दिन देर रात एफआईआर दर्ज हुई। इससे राघवेंद्र प्रताप सिंह की स्पष्ट लापरवाही मानी गई। उन्हें मंगलवार रात ही निलंबित कर दिया गया था। जबकि हलका इंचार्ज अमरजीत सिंह को शुक्रवार को निलंबित किया गया। उनके खिलाफ सात जनवरी की रात धारा 166 ए के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। एसपी देहात सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि इस मामले की विवेचना बिल्सी थाने के इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार को सौंपी गई है। जबकि सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले की विवेचना स्वयं उघैती इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार धामा कर रहे हैं।