बदायूं। उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की वारदात के बाद उठे कई सवालों का जवाब मिलना अभी बाकी है। इस मामले के दो आरोपी जहां पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं वहीं मुख्य आरोपी पुजारी को भी गुरुवार रात पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस पहले दिन से वारदात को हादसा बताते हुए कार्रवाई टाल रही थी, लेकिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की बात सामने आई तो आनन-फानन रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन कुछ अनसुलझे सवालों के जवाब पुलिस अब तक नहीं दे पाई है कि अगर सूखे कुएं की कोठरी में महिला गिरी तो वह वहां तक पहुंची कैसे, जबकि वह मंदिर के काफी अंदर एक कोठरी में बना है। फिर उसे वहां तक जाने की क्या जरूरत पड़ी।
तीन जनवरी की रात उघैती थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला की सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। 18 घंटे तक महिला का शव घर में पड़ा रहा, लेकिन थाना पुलिस सूचना के बाद भी मौके पर नहीं पहुंची। घटना जब मीडिया की सुर्खी बनना शुरू हुई तो अधिकारियों में खलबली मच गई, लेकिन पुलिस शुरुआत से ही घटना का हादसा बनाने पर तुली रही। एसएसपी संकल्प शर्मा ने भी इस पर बयान जारी करके महिला की मौत सूखे कुएं में गिरकर होने की बात कही, लेकिन अगले दिन जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो अधिकारियों के पसीने छूट गए थे। इस रिपोर्ट में महिला के साथ की गई हैवानियत उजागर हुई तो शासन स्तर तक हलचल मच गई।
शुरुआत में हादसे की जो बात पुलिस ने कही थी, उस पर वह अब तक कायम है। हालांकि शुरुआत से सामूहिक दुष्कर्म को नकारने वाली पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद इतना मानने लगी कि महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ था। पुजारी ने भी घटना के अगले दिन एक वीडियो में महिला के कुएं में गिरकर मरने की बात की थी और उसे घर के बाहर फेंकते समय भी परिजन को यही बताया था। ऐसे में शुरू से चल रही पुलिस की कहानी पर गौर करें तो जिस कोठरी में बने सूखे कुएं में महिला के गिरने की बात कही जा रही है, उस कोठरी का दूसरा दरवाजा भी है। यदि आरोपी पुजारी की बात को सही मान लिया जाए कि महिला कुएं में गिरी थी तो सवाल ये है कि महिला आखिर उस कुएं तक गई क्यों, क्योंकि कुआं एक अलग कोठरी में है।
जिस कमरे में पुजारी रहता था उसका एक दरवाजा उस कोठरी की तरफ खुलता है तो कोठरी में भी दो दरवाजे हैं। एक सवाल ये भी है कि यदि महिला कोठरी में गई थी तो वह दूसरे दरवाजे से निकल भी सकती थी। यह दरवाजा खेतों की तरफ खुलता है। ऐसे कई सवाल हैं जो पुजारी की बात को झूठा साबित कर रहे हैं। इधर पुलिस भी महिला के कुएं में गिरने की बात कह रही है, लेकिन वही सवाल यहां भी आकर खड़ा हो जाता है। हालांकि पुजारी से पूछताछ में पुलिस को कई अहम बातें पता चली हैं, लेकिन अधिकारी अभी किसी बात को सार्वजनिक करने को तैयार नहीं है।
पुलिस की यह है कहानी
महिला के सूखे कुएं तक पहुंचने की बात पर पुलिस की थ्योरी यह है कि इस घटना में एक महिला का नाम भी है जो रात के समय में पुजारी के पास आई थी। बताया जाता है कि इस महिला के पुजारी से जान पहचान थी। वह इस शक में वहां पर आई थी कि वहां पुजारी के साथ कोई और महिला है। पुलिस की थ्योरी के अनुसार इस महिला के आने पर पुजारी के साथ मौजूद मृतका महिला कुएं की ओर भागी और उसके साथ हादसा हो गया।
...कहीं एक तीर से ‘तीन’ शिकार की कोशिश तो नहीं
बदायूं। रविवार को जब रात में यह घटना हुई तो पुलिस ने उसे संज्ञान में नहीं लिया। तत्कालीन इंस्पेक्टर राघवेंद्र प्रताप सिंह ने परिवार वालों की तो नहीं सुनी और अधिकारियों को भी गुमराह कर दिया। तब से लेकर पुलिस महिला के कुएं में गिरने की बात कह रही है। बताते हैं इसके पीछे पुलिस की मंशा एक तीर से तीन शिकार करने की है। पहला यह कि यदि यह मामला हादसा साबित किया जाता है तो पुलिस की पहले से चली आ रही थ्योरी सच साबित हो जाएगी, दूसरी यह कि हादसा होने पर हत्या की बात की भी गुंजाइश नहीं बचती। तीसरी बात रही सामूहिक दुष्कर्म की तो इसके पीछे भी एक कहानी गढ़े जाने की तैयारी चल रही है, जिससे दुष्कर्म की बात को दूसरा रूप देकर इसे भी खारिज किया जा सके। ऐसे में पुलिस की मंशा है कि तीनों बातें साबित होने पर अब तक हुई उसकी फजीहत पर थोड़ा मरहम लग सकेगा और वरिष्ठ अधिकारी शासन के कोप का शिकार होने से बच सकेंगे।