प्लांट में सुरक्षा को लेकर हुई गहना चर्चा
प्लांट संचालन में जो बाधाएं आ रही है, उन्हें दूर करने के लिए चर्चा की गई। प्लांट पर सुरक्षा से लेकर मैनपावर व अन्य सभी गतिविधियों पर भी चर्चा की गई। तय हुआ कि इस बार ऐसी सुरक्षा-व्यवस्था बनाई जाए, जिससे भविष्य में ऐसी वारदात सामने न आने पाए। यह भी तय हुआ कि प्लांट में आने-जाने वाले हर व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी लेने के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। करीब एक घंटे तक डीएम व एसएसपी यहां रहे। उन्होंने प्लांट परिसर का भ्रमण कर वहां के हालात का भी जायजा लिया।
सुरक्षा में चूक करने वाले अधिकारी भी जांच के दायरे में
बदायूं के एचपीसीएल प्लांट में दो अफसरों की हत्या के मामले में डीएम अवनीश राय और तत्कालीन एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह समेत कई अधिकारियों को एसआईटी ने अपनी जांच के दायरे में रखा है। डीएम और एसएसपी से 14 जनवरी को मिलकर दोनों अफसरों ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद सुरक्षा क्यों नहीं दी गई, किस स्तर पर ढिलाई हुई, इसकी जांच की जा रही है। क्या किसी वजह से जानबूझकर लापरवाही की गई, यह भी जांच का बिंदु है।
डीएम अवनीश राय ने बताया कि एचपीसीएल के अफसरों व सुरक्षा सलाहकार के साथ बैठक कर प्लांट संचालन को लेकर चर्चा की गई है। प्रशासन का पूरा प्रयास है कि जल्द से जल्द प्लांट का संचालन शुरू कराया जाए।
कर्मचारियों की तैनाती में बरती जाएगी पारदर्शिता
प्लांट परिसर में काम करने वाले कर्मचारियों की तैनाती में काफी पारदर्शिता बरती जाएगी। यहां करीब 150 कर्मचारी तैनात होंगे। बीते दिनों यहां पर 122 कर्मचारी रहे हैं। इनमें से 85 हटाए जा चुके है। जबकि पुरानी एजेंसी का लाइसेंस भी निरस्त हो चुका है। ऐसे में कंपनी में तैनात होने वाले सभी 150 या फिर उससे ज्यादा कर्मचारियों की तैनाती अब नए सिरे से ही होगी। इसके लिए जो भी वेंडर सामने आएगा, उसकी भी पूरी तहकीकात करने के बाद उसे काम को सौंपा जाएगा।
एसएसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि प्लांट संचालन को लेकर कंपनी के अफसरों से वार्ता हुई है। सुरक्षा-व्यवस्था का खाका तैयार किया जा रहा है। कड़े सुरक्षा प्रबंध व भयमुक्त माहौल के बीच जल्द से जल्द प्लांट का संचालन शुरू कराने का प्रयास किया जा रहा है।