बदायूं में भाजपा विधायक समेत 16 लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, जमीन हड़पने आदि के मुकदमे में बुधवार को पीड़िता ने महिला इंस्पेक्टर को अपने बयान दर्ज कराए। बयानों की वीडियोग्राफी भी कराई गई। वहीं महिला के पति के सिविल लाइंस के प्रभारी निरीक्षक के ने बयान लिए। बयान के बाद महिला का जिला अस्पताल में मेडिकल कराया गया।
सिविल लाइंस क्षेत्र के एक युवक का बिल्सी के भाजपा विधायक हरीश शाक्य, उनके भाई, बरेली के व्यापारी आनंद प्रकाश अग्रवाल व कुछ अन्य लोगों से दो वर्ष से जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। इस मामले में उसने विधायक समेत 16 लोगों के खिलाफ अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। युवक की पत्नी ने सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया है।
इंस्पेक्टर पर लगाया था ये आरोप
पीड़िता ने आरोप लगाया था कि सिविल लाइंस थाने में बयान देने गई तो प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने उससे अश्लील सवाल किए। जब उसने जवाब देने से मना किया तो उसे जेल भेजने की धमकी दी। इस मामले की शिकायत एसएसपी से की गई तो उन्होंने बयान दर्ज करने के लिए महिला थाने की प्रभारी निरीक्षक को नियुक्त कर दिया था। बुधवार को महिला थाने की प्रभारी निरीक्षक ने दुष्कर्म पीड़िता के बयान लिए।
प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता के बयानों की वीडियोग्राफी कराई गई है। जो बयान दर्ज किए गए हैं वह लिखकर पीड़िता को दे दिए गए हैं। उसमें यह भी लिखा गया है कि हमने क्या सवाल किए हैं। महिला का मेडिकल भी करा दिया गया है। अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।