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शेखूपुर सीट : भाजपा से चार, सपा से दो और कांग्रेस से पांच लोग ठोंक रहे दावेदारी

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बदायूं। शेखूपुर विधानसभा सीट पर इस बार भी घमासान होगा। वर्तमान में शेखूपुर सीट पर भाजपा के धर्मेंद्र शाक्य का कब्जा है। 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए धर्मेंद्र शाक्य के अलावा भाजपा से तीन अन्य दावेदारों के नाम पर भी चर्चा है। सपा की बात करें तो अब तक पूर्व विधायक मुस्लिम खां, पूर्व राज्यमंत्री दिवंगत बनवारी सिंह यादव के नाती और पूर्व विधायक आशीष यादव के पुत्र हिमांशु यादव ने पार्टी से टिकट के लिए आवेदन किया है। बसपा से भी तीन नाम चर्चाओं में हैं। कांग्रेस से से पांच दावेदार आवेदन आ चुके हैं।
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शेखूपुर विधानसभा सीट 2012 के विधानसभा चुनाव से पहले उसहैत सीट खत्म किए जाने के बाद अस्तित्व में आई थी। उसहैत सीट पर 2007 में बसपा के टिकट पर मुस्लिम खां विधायक चुने गए थे। 2012 में बसपा ने मुस्लिम खां का टिकट काटकर सपा के बागी काजी रिजवान को प्रत्याशी बना दिया। तब मुस्लिम खां पीस पार्टी से चुनाव मैदान में उतरे थे। 2012 में शेखूपुर सीट सपा के खाते में चली गई। आशीष यादव को यहां से विधायक चुना गया। कांग्रेस से पूर्व राज्यमंत्री भगवान सिंह शाक्य ने चुनाव लड़ा। भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र कश्यप काफी पीछे रहे थे।
विधानसभा सामान्य निर्वाचन 2017 में भाजपा के धर्मेंद्र शाक्य ने सपा से शेखूपुर सीट छीन ली। इस बार भाजपा से मौजूदा विधायक धर्मेंद्र शाक्य समेत जितेंद्र कश्यप, मोर सिंह लोधी और हरवंश पहलवान के नाम चर्चाओं में हैं। भाजपा ने अभी प्रत्याशी चयन की प्रक्रिया शुरू नहीं की है। कांग्रेस पार्टी के स्थानीय संगठन के मुताबिक शेखूपुर सीट से कांग्रेस के टिकट के लिए पांच दावेदार आवेदन कर चुके हैं। इनमें सोहनपाल साहू, रामबहादुर कश्यप, मोरपाल प्रजापति, फरहा नईम और सुखदेवी शाक्य के नाम शामिल हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमकार सिंह का कहना है कि प्रदेश स्तर पर भी कुछ आवेदन होने की सूचना है। बसपा जिलाध्यक्ष हेमेंद्र गौतम का कहना है कि प्रत्याशी का नाम बसपा सुप्रीमो मायावती तय करेंगी। हालांकि शेखूपुर से तीन से चार नामों पर चर्चा चल रही है।
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सपा से अब तक तक दो ही दावेदार हैं। यह बात जिलाध्यक्ष प्रेमपाल सिंह स्वीकार कर रहे हैं। हालांकि, उनका कहना है कि अगर किसी दावेदार ने सीधे आवेदन कर दिया हो तो वह उसके बारे में नहीं कह सकते। इधर, शेखूपुर सीट पर वेलफेयर पार्टी जैसे छोटे दल भी ताल ठोंक रहे हैं। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजीत यादव खुद चुनाव लड़ने का दावा कर रहे हैं। कह रहे हैं कि उनके दल का एक बड़ी पार्टी से जल्दी ही गठबंधन होने जा रहा है। वह गठबंधन प्रत्याशी हो सकते हैं।
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