बदायूं। बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान के कारण अब कमर और घुटनों के दर्द की समस्या बुजुर्गों तक सीमित नहीं रही। अब यह परेशानी युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। जिला अस्पताल के फिजियोथेरेपी और निजी केंद्रों में कमर या घुटने के दर्द की शिकायत लेकर रोजाना सैकड़ों युवक पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल में तैनात फिजियोथेरेपिस्ट बलवंत सिंह ने बताया कि इस स्थिति के कई कारण हैं। बताया कि फास्ट फूड का अधिक सेवन, कैल्शियम की कमी, लंबे समय तक बैठे रहना, बढ़ता वजन और व्यायाम की कमी के कारण जोड़ की बीमारियां हो रही हैं। इसके अलावा, मोबाइल और लैपटॉप का लगातार इस्तेमाल करने से शारीरिक गतिविधियों में कमी आई है। इससे मांसपेशियां कमजोर और हड्डियां नाजुक होती जा रही हैं। महिलाओं में भी इस समस्या का प्रभाव तेजी से बढ़ा है।
जो महिलाएं प्रसव के बाद पर्याप्त कैल्शियम का सेवन नहीं करतीं, उनमें घुटनों का दर्द जल्दी शुरू हो जाता है। बताया कि अब 25 से 40 वर्ष की उम्र के अधिकतर मरीजों को हड्डी और जोड़ संबंधी इलाज की जरूरत पड़ रही है। डॉक्टरों ने चेताया है कि यदि समय रहते सावधानी नहीं बरती गई, तो आने वाले वर्षों में युवाओं में हड्डियों की कमजोरी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बन सकती है। इसलिए खाने-पीने पर विशेष ध्यान दें।
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नियमित करें व्यायाम
- युवाओं को नियमित व्यायाम करना चाहिए। सुबह की धूप में कुछ समय बिताना चाहिए। भोजन में दूध, दही, हरी सब्जियां व फल शामिल करने चाहिए। साथ ही, समय-समय पर कैल्शियम की जांच और फिजियोथेरेपी कराने से भी राहत मिल सकती है।