शिक्षा विभाग ने मृतक आश्रित के पद पर गलत चयन के आरोपी बाबू पर चल रही जांच पूरी कर दी गई है। जांच अधिकारी ने आख्या बीएसए को सौंप दी है। जांच अधिकारी की मानें तो प्रथम दृष्टया नियुक्ति गलत पाई गई है। यह भी सामने आया है कि बाबू ने नियुक्ति पाने के लिए कई बातों को छुपाया भी था। हालांकि नियुक्ति पत्रावली की कई चीजें गायब भी पाई गई हैं। फिलहाल इसमें अब बीएसए आगे की कार्रवाई को बढ़ाएंगे, जो भी हो लेकिन इसमें बाबू पर बर्खास्तगी की तलवार लटक गई है।
गौरतलब है कि आज से करीब ढाई माह पूर्व एक व्यक्ति ने बाबू का चयन गलत किए जाने की शिकायत करते हुए वाद दायर किया था। आरोप था कि संबंधित बाबू के माता अध्यापिका थीं। जबकि पिता भी सरकारी नौकरी में थे। माता की मृत्यु के बाद धोखाधड़ी कर गलत तरीके से चयन कर लिपिक पद पर नौकरी दे दी गई। इस शिकायत पर बीएसए कृपा शंकर वर्मा ने भी बीईओ सोमनाथ को जांच अधिकारी बनाकर इसमें जांच करने के निर्देश दे दिए। लंबे समय से चल रही जांच के बाद बीच में कोई खास प्रगति सामने नहीं आई। जानकारों की माने तो जांच को दबाने का कई बार प्रयास किया गया। इतना ही नहीं नियुक्ति पत्रावली में लगे दस्तावेज भी गायब मिले हैं। करने की चर्चा भी सामने आई। करीब तीन महीने से चल रही फिलहाल पूरी कर दी गई। जांच अधिकारी सोमनाथ विश्वकर्मा ने बताया कि जो दस्तावेज मांगे गए थे वह पूरे नहीं मिले। इसमें कई प्वाइंट पर दस्तावेज गायब मिले। जो भी दस्तावेज पाए गए, उस आधार पर नियुक्ति पर सवालियां निशान लग रहे है। हालांकि इसकी रिपोर्ट बनाकर बीएसए को सौंप दी गई है। जांच अधिकारी ने आख्या दी सौंपी है। इसे देखकर कार्रवाई को बढ़ाया जाएगा। -कृपाशंकर वर्मा, बीएसए