कथा सुनाती साध्वी मनुप्रिया। संवाद
बदायूं। श्रीगणेश सेवा मंडल के तत्वावधान में चल रहे 23वें श्रीगणेश महोत्सव के चौथे दिन बृहस्पतिवार को भोलाधाम में भगवान श्रीगणेश का रिद्धि-सिद्धि के साथ धूमधाम से विवाह हुआ।
कथा व्यास साध्वी मनु प्रिया ने बताया कि जगत के कल्याण के लिए भगवान गणपति का विवाह ब्रह्मा जी की मानस पुत्रियों रिद्धि एवं सिद्धि से हुआ। बोलीं, जो भक्त सच्चे मन से गणेश जी की आराधना करता है, उसके घर में रिद्धि-सिद्धि का वास होता है। गणपति प्रथम पूज्य हैं, उनके पूजन से सभी देवताओं का आशीर्वाद मिलता है।
बोलीं, रिद्धि-सिद्धि से गणेश जी के दो पुत्र शुभ-लाभ हुए, इसलिए उन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है। इस दौरान भोलाधाम में बैंड-बाजों के साथ भगवान गणेश की बारात निकाली गई, जो आकर्षण का केंद्र रही। मंडल की ओर से रिद्धि-सिद्धि विवाह की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई। पूरा पंडाल विवाह मंडप में बदल गया। भक्तों ने बधाइयां दीं और आशीर्वाद लिया।
मीडिया प्रभारी पंकज शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को रात 8 बजे राधा अष्टमी पर 56 भोग एवं पहली बार डांडिया नृत्य का आयोजन होगा। यह कथा का अंतिम दिवस भी होगा। इस मौके पर वीरेंद्र वार्ष्णेय, सुनील वार्ष्णेय, मनोज वैश्य, नितिन अग्रवाल, राकेश गुलाटी आदि मौजूद रहे।
कथा सुनाती साध्वी मनुप्रिया। संवाद