बदायूं। जिले में 220 मदरसा संचालित हैं। इसमें 21 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं पढ़ाई कर रहे हैं। 22 मार्च को हाईकोर्ट ने यूपी बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट 2004 को असंवैधानिक बताते हुए निरस्त कर दिया था। इस पर याचिका हुई और शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है। ऐसे में मदरसों को थोड़ी राहत मिल गई है। यह खबर मिलते ही मदरसा संचालकों के चेहरे पर खुशी देखी गई। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी मोहम्मद खालिद का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है। अब सरकार के आदेश के हिसाब से आगे की प्रक्रिया चलेगी। संवाद