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Budaun News: एथलीटों को नहीं मिल पा रहीं सुविधाएं, अधूरे संसाधनों के बीच कर रहे तैयारी

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स्टेडियम में रेस लगाती एथलीट। संवाद।
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बदायूं। जिले में एथलीट बनने का सपना देख रहे खिलाड़ियों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिल पा रहीं। सिंथेटिक ट्रैक और आधुनिक उपकरणों के अभाव में खिलाड़ियों को अधूरी सुविधाओं के बीच ही तैयारी करनी पड़ रही है। खिलाड़ियों का कहना है कि जिले में एक भी सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। मिट्टी के मैदान और कच्चे ट्रैक पर प्रैक्टिस करने से चोट लगने का खतरा बना रहता है। बारिश में तो मैदान दलदल बन जाता है, जिससे हफ्तों तक अभ्यास ठप हो जाता है।
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स्टेडियम में इस समय 7 बालिका खिलाड़ी ओर 16 बालक खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं। स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक, जिम और फिटनेस के आधुनिक उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं। खिलाड़ी पुराने तरीकों से ही तैयारी कर रहे हैं। खिलाड़ियों ने बताया कि बड़े शहरों के एथलीट सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ते हैं, जबकि हमें मिट्टी पर प्रैक्टिस करनी पड़ती है। इससे टाइमिंग में बड़ा अंतर आ जाता है।
प्रतियोगिता में जाने पर माहौल और ट्रैक दोनों अलग मिलते हैं, जिससे उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है। खिलाड़ियों ने बताया कि एथलेटिक्स कोच ब्रजेश हमारी कमियों को दूर कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में अभ्यास किया जा रहा है। खिलाड़ियों ने प्रशासन से मांग की कि जिले में सिंथेटिक ट्रैक बनाया जाए। साथ ही आधुनिक जिम, हॉस्टल और नियमित डाइट की व्यवस्था हो। इससे ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रोशन कर सकेंगी।
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जिले में एथलीटों के लिए बहुत कम सुविधाएं

जिले में एथलीटों के लिए बहुत ही कम सुविधाएं हैं। कोच की देखरेख में अभ्यास तो कर रहे हैं, लेकिन आधुनिक साधन न होने के कारण दिक्कत होती है। - कुलसुम, एथलीट


जिले में पहले एथलीट कोच नहीं था। पिछले साल ही कोच आने के बाद खिलाड़ियों की संख्या बड़ी है, अब सभी नियमित अभ्यास कर रहे हैं। इससे उनका प्रदर्शन सुधरेगा। - सुमित कुमार, एथलीट


सिंथेटिक ट्रैक अगर बन जाए तो एथलीटों को किस्मत खुल जाएगी। वह अपने सपने की उड़ान पूरी कर सकते हैं। कहीं बाहर भी उन्हें प्रदर्शन करने में परेशानी नहीं होगी। - आलिया, एथलीट


खिलाड़ी कोई कम नहीं होता। हम सभी सुविधाओं के अभाव में भी अपने सपने को पूरा करने के लिए लगातार अभ्यास कर रहे हैं, सुविधाएं मिल जाएं तो और बेहतर कर सकते हैं। - आयुष कुमार यादव, एथलीट



सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। सिंथेटिक ट्रैक का प्रस्ताव जगह की कमी के कारण नहीं हो पा रहा है। वहीं जिम का प्रस्ताव भेजा गया है। आने वाले समय में खिलाड़ियों को काफी सहूलतें मिलने लगेंगी। - अमित रिछारिया, जिला क्रीड़ाधिकारी

स्टेडियम में रेस लगाती एथलीट। संवाद।

स्टेडियम में रेस लगाती एथलीट। संवाद।

स्टेडियम में रेस लगाती एथलीट। संवाद।

स्टेडियम में रेस लगाती एथलीट। संवाद।

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