सपा के राष्ट्रीय सचिव डॉ.मौलाना यासीन अली उस्मानी ने शिवसेना के सांसद संजय राउत द्वारा दिए गए बयान की निंदा की। उन्होंने समाचार पत्र सामना में प्रकाशित समाचार को समाज में जहर घोलने का संदेश देने वाला करार दिया।
अपने आवास पर प्रेसवार्ता के दौरान उन्हाेंने कहा कि इस तरह से समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने वाले लोगों का बहिष्कार कर देना चाहिए। केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद संघ जगह-जगह अपनी बैठक कर समाज को बांटने का काम कर रहा है, जिससे भारत की एकता अखंडता को खतरा है। इस तरह के बयान देने वाले नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए और किसी भी भड़कावे में नहीं आना चाहिए।
मतदान करना सभी का अधिकार है और जो लोग इसे मना करते हैं उन्हे संविधान पर भरोसा नहीं है। इसलिए लोगों को जाति और धर्म के नाम में बांट कर दंगे कराकर आपस में लड़वाते हैं। जो देश के लिए बड़ा खतरा है।
संजय राउत का बयान अलगाव का प्रतीक
उझानी। उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला संगठन मंत्री कमर अहसन ने शिवसेना नेता संजय राउत के बयान को अलगाव का प्रतीक बताते हुए आलोचना की है।
उन्होंने कहा कि संजय राउत शिवसेना के नेता जरूर हैं, लेकिन मुसलमानों के प्रति ऐसा बयान देकर राज्यसभा के सदस्य ने संविधान की परवाह भी नहीं की। उनके बयान से अस्थिरता का माहौल पैदा होने की आशंका बनी हुई है। संजय की तरह ही साध्वी निरंजन ज्योति भी अनर्गल बयानबाजी करती रही हैं। उन्होंने कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति को पत्र भेजा है।