उझानी। बिना पंजीकरण के संचालित निजी नर्सिंग होम आशीर्वाद की एसीएमओ मोहन झा ने जांच की। उन्हें मौके पर डॉक्टर तक नहीं मिले। संचालक का सहयोगी उनके सामने दस्तावेज भी पेश नहीं कर पाया। एसीएमओ ने पंजीकरण कराने के लिए दोबारा नोटिस देने के साथ ही नर्सिंग होम का ऑपरेशन रूम सील कर दिया है।
एसीएमओ मोहन झा स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय टीम के साथ सोमवार दोपहर बाइपास स्थित आशीर्वाद नर्सिंग होम पहुंचे। निजी नर्सिंग होम के पंजीकरण से जुड़े दस्तावेज दिखाने के लिए कर्मचारियों से कहा गया, लेकिन कोई भी कर्मचारी उनके सामने पंजीकरण के दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। दस्तावेज नर्सिंग होम संचालक पर बताए गए। बुलाने पर संचालक भी नहीं आया। चेकिंग के दौरान महिला मरीजों के परिजन नर्सिंग होम से खिसक गए।
करीब एक घंटे तक कार्रवाई के दौरान संचालक के सहयोगी कर्मियों ने एसीएमओ के सामने कुछ दस्तावेज भी प्रस्तुत किए, लेकिन उनमें पंजीकरण से जुड़ा कोई भी दस्तावेज नहीं था। एसीएमओ ने बताया कि जन शिकायत के आधार पर जांच की गई तो नर्सिंग होम परिसर में ऑपरेशन रूम भी नजर आया। ऑपरेशन रूम सील कर दिया गया है। पंजीकरण कराने के लिए नोटिस दिया गया है। बता दें कि पिछले साल भी नर्सिंग होम के संचालक को नोटिस दिया गया था, लेकिन उसने तब भी पंजीकरण नहीं कराया था।
अफसरों के आशीर्वाद में संचालित हैं निजी नर्सिंग होम
कस्बा समेत आसपास इलाके में आधा दर्जन से अधिक निजी नर्सिंग होम संचालित हैं। इनमें एक-दो तो पंजीकृत बताए जा रहे हैं, लेकिन अधिकतर बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। पिछले साल एसीएमओ समेत विभागीय टीम ने दो-तीन निजी नर्सिंग होम चेक किए थे। इसी क्रम में आशा नर्सिंग होम को सील कर दिया गया था। इसके बाद संचालक ने पंजीकरण करा लेने का दावा करते हुए उसे फिर से खोल लिया। बिना पंजीकरण के संचालित निजी नर्सिंग होम संचालकों को विभागीय स्तर से आशीर्वाद प्राप्त होने का भी शोर है।