आर्य समाज की ओर से आयोजित सत्संग में हवन करने के बाद ‘घर-घर यज्ञ, हर घर यज्ञ’ का आह्वान किया गया। यजमान के रूप में डॉ. विकास सक्सेना और उनकी पत्नी डॉ. अनुराधा सक्सेना ने सहभागिता की। अमरोहा से आईं सीता आर्य ने भजनों के माध्यम से स्वामी दयानंद का गुणगान किया।
आर्य समाज भवन पर आयोजित कार्यक्रम में आचार्य जितेंद्र आर्य ने कहा कि अब समय आ गया कि दयानंद जी के सद्विचारों को गति दी जाए। उनकी पताका को और ऊंचा किया जाए। वेद की ज्योति घर-घर जले इसके प्रयास किए जाएं। इससे आर्य समाज के आंदोलन को बल मिलेगा। अध्यक्षता कर रहे नन्हें लाल कश्यप ने कहा कि आज से ही घर-घर यज्ञ की परिपाटी लागू करने का संकल्प लिया जा रहा है। निखिल गुप्ता ने बताया कि दस पुनीत कार्य को सुचारू करने के लिए प्रशिक्षित पुरोहितों की व्यवस्था बाहर से की गई है। डॉ. उमेशं चंद्र गौड़, रतन लाल, प्रेम बाबू, धर्मेंद्र आर्य, डॉ. विकास गुप्ता, रामप्रकाश रस्तोगी, तिलक सिंह, केशव गर्ग, अनिल वर्मा, दीपक सक्सेना, राजीव शर्मा, पुनीत कश्यप, सोनू सक्सेना, अमोल जौहारी, पुष्पा देवी आदि मौजूद रहीं।
इधर, आर्य समाज की ओर से ऋषि कुटी में आयोजित दूसरे कार्यक्रम में राजकुमार ग्रोवर ने भजन गाए। उन्होंने कहा कि कानून की नजर से तो इंसान बच सकता है, लेकिन ईश्वर से नहीं। सुधीर सिंह ने वेद मंत्रों के बारे में बताया। यज्ञ चंद्रभानु शर्मा ने कराया। हरीओम वर्मा सपत्नीक यजमान रहे। अध्यक्षता रामप्रकाश सिंह ने की। विवेक जौहरी, सियाराम आर्य, प्रेमप्रकाश, वीरेंद्र नाथ गुप्ता, सुरेंद्र पाल सिंह, डॉ. ज्ञानेंद्र, राजीव सक्सेना, मनोज पटेल, धर्मवीर सिंह, प्रमोद कुमार, आदेश देवी, संगीता देवी मौजूद रहीं।