अरिल नदी पर पुल का मुद्दा गरमाता जा रहा है। ग्राम बखतपुर के लोगों ने गांव के बाहर बैनर तक टांग दिया है, जिस पर लिख दिया है कि जब तक अरिल नदी पर पुल नहीं बन जाता, तब तक कोई प्रत्याशी वोट मांगने न आए।
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बखतपुर गांव के लोगों ने टांगा बैनर, वोट मांगने न आएं प्रत्याशी
अरिल नदी पर पुल का मुद्दा गरमाता जा रहा है। ग्राम बखतपुर के लोगों ने गांव के बाहर बैनर तक टांग दिया है, जिस पर लिख दिया है कि जब तक अरिल नदी पर पुल नहीं बन जाता, तब तक कोई प्रत्याशी वोट मांगने न आए।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पास अरिल नदी पर पुल न बनाए जाने के ज्वलंत मुद्दे को आज तक जनप्रतिनिधियों ने नजरअंदाज किया है। सालों से आंदोलन, प्रदर्शन के बावजूद स्थायी समाधान कराने के लिए किसी ने भी प्रयास नहीं किया। स्थिति यह है कि आज लोग जान जोखिम में डालकर रास्ता पार करते हैं। तो वहीं वाया सैंजनी गांव घूमकर सात किलोमीटर का सफर 17 किलोमीटर का तय कर तहसील मुख्यालय पहुंचते हैं। प्रधानपति अबरार खां, चरन सिंह यादव, सत्यभान, सुनील, कृष्ण मौर्या, मदनपाल, ग्रामीणों ने बताया कि साल में आठ से दस माह नदी में खूब पानी चलता है। बरसात में बाढ़ जैसे हालात होते हैं। बताते हैं कि इससे सिर्फ बखतपुर गांव ही नहीं बल्कि दर्जन गांव के लोग प्रभावित हैं। बता दें कि अरिल नदी पर पुल की मांग को लेकर दो सप्ताह पहले ग्रामीणों ने बखतपुर में बैठक कर मतदान बहिष्कार करने का एलान किया था। उसके अगले दिन चंगासी, वक्सेना, जमालपुर आदि गांव के लोगों ने अरिल नदी पुल पर बैठक कर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए आवाज बुलंद की थी। लेकिन इसके बाद भी आजतक किसी ने संज्ञान नहीं लिया।