कछला में श्रद्धालुओं का वाहन रोके जाने पर घाट पर जुटे बरामयखेड़ा के लोग। संवाद
श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के कलश विसर्जन के लिए पहुंचे थे श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी
उझानी। कछला गंगाघाट किनारे वार्ड नंबर- तीन में पार्किंग शुल्क ठेके से जुड़े निजी कर्मचारियों ने बरायमखेड़ा निवासी श्रद्धालुओं की दो बसों को रोक लिया। प्रति बस दो सौ रुपये मांगे जाने पर भड़के श्रद्धालुओं और कर्मचारियों के बीच नोकझोंक हो गई। इसके बाद दोनों बसों की रसीद नहीं काटी गई।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बरामयखेड़ा में पिछले दिनों श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ हुआ था। महायज्ञ के कलश विसर्जन के लिए शनिवार पूर्वाह्न करीब डेढ़ सौ महिला-पुरुष और बच्चे दो बसों और निजी वाहनों से गंगाघाट पर पहुंचे। आरोप है कि कासगंज जिले के छोर वाले घाट पर पहुंचने से पहले ही दोनों बसों को कुष्ठ आश्रम के पास रोक लिया गया।
धर्मेंद्र चौहान और सुरेशचंद्र ने बताया कि पार्किंग शुल्क दो सौ रुपया प्रति वाहन देने को कहा गया। रसीद कटवाने से मना करने पर कर्मचारी भिड़ गए। बाद में श्रद्धालुओं की भीड़ देख रसीद नहीं काटी गई। कलश विसर्जन यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने धार्मिक स्थल पर पार्किंग वसूली पर सवाल उठाया है।
उनका कहना है कि जिले में कही भी पार्किंग शुल्क नहीं वसूला जा रहा है तो फिर यहां यह व्यवस्था क्यों की गई है। श्रद्धालु सुरेंद्र पाल, ब्रजकिशोर, सत्येंद्र चौहान और मुनेश पाल ने पार्किंग शुल्क वसूली के निर्णय को वापस लेने की मांग की।