बिसौली। एक बार फिर क्षेत्र के गांव भिलौलिया पहुंची भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की टीम ने प्राचीन टीले पर कुछ स्थानों की खोदाई कराई। यहां प्राचीन महत्व की कई चीजें और प्राचीन प्रतिमाएं मिलीं। टीम में शामिल अधिकारियों का मानना है कि टीले से बरामद होने वाली यह वस्तुएं कम से कम दो हजार वर्ष तक पुरानी हो सकती हैं। फिलहाल टीम कुछ नमूनों को साथ ले गई है।
गांव भिलौलिया में एक काफी प्राचीन टीला है। करीब 14 बीघा का यह टीला चार मीटर ऊंचा है। गांव के लोगों को अक्सर यहां प्राचीन मूर्तियां, बर्तन आदि मिल जाया करते थे। ऐसे में काफी समय तक गांव में कौतूहल सा बना रहा। बाद में कुछ लोगों ने इस बारे में विधायक कुशाग्र सागर को बताया। विधायक ने टीले के प्राचीन महत्व को समझते हुए पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को लिखा। करीब चार महीने पहले टीम ने यहां दौरा किया था। उस वक्त भी कई वस्तुएं मिली थीं।
एक साल पहले भी टीम ने यहां का दौरा किया था।
शनिवार को पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के अधिकारी डॉ. राजीव कुमार त्रिवेदी के नेतृत्व में टीम यहां पहुंची। खोदाई कराई गई तो यहां प्राचीन वस्तुएं और प्रतिमाएं मिली हैं। टीम के साथ विधायक कुशाग्र सागर भी रहे। डॉ. राजीव त्रिवेदी की मानें तो जो वस्तुएं टीले से प्राप्त हुई हैं वह कुषाण कालीन हैं। यह करीब दो हजार साल तक पुरानी हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि टीले से मिलने वाली वस्तुओं का अध्ययन किया जा रहा है।