बदायूं। अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत शुक्रवार को शहर के शिवदेवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में महिला सशक्तीकरण विषय पर गोष्ठी हुई। इसमें छात्राओं को बेचारी बनने के बजाय आत्मविश्वास और अपने अंदर की शक्ति जगाने को प्रेरित किया गया।
गोष्ठी में महिला थाना प्रभारी ऊषा तोमर ने कहा कि इस आधुनिक युग में हमें नारी सशक्तीकरण की आखिर जरूरत क्यों पड़ रही। कहीं न कहीं महिलाएं कमजोर हैं, लेकिन अब महिलाओं को खुद को बेचारी बनने से रोकना होगा। उन्हें अपने अंदर आत्मविश्वास जगाना होगा, तभी उनका रास्ता आसान होगा। महिलाओं को खुद पर गर्व करना होगा। उन लोगों को भी सोचना चाहिए जो लड़की होने पर दुखी होते हैं। बोलीं-खतरा तो महिलाओं को घर के अंदर भी है। इसलिए खुद पर प्रश्नचिह्न न लगाएं और निडर होकर बाहर निकलें। विद्यालय के संरक्षक सुरेश चंद्र सक्सेना ने कहा कि आज नारियां देश का नाम पैदा कर रही हैैं। उन्हें खुद को कमजोर समझने की जरूरत नहीं है। शिक्षक माखनलाल ने कहा कि पुराने समय से कहावत है कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवता निवास करते हैं। इसलिए महिलाओं का सम्मान और उनकी रक्षा करें। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक चंद्रपाल ने किया। इस दौरान प्रधानाचार्य चंद्रभान, रेखा सक्सेना, शिवानी, संध्या, विनय चौहान, रामकुमार, विजय, अखिलेश मिश्रा, दिग्विजय, कुलदीप, राजेश आदि मौजूद रहे।
बोली छात्राएं...
हमें डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। जब तक हम अपने डर को बाहर नहीं निकालेंगे, तब तक लोग हमारे डराने का प्रयास करेंगे। बेखौफ होकर घर से निकलें। कहीं दिक्कत है तो परिवार वालों को बताएं।
- सृष्टि गुप्ता
सबसे पहले तो खुद ये समझ लें कि अपने परिवार से झूठ नहीं बोलना चाहिए। अगर उनके साथ कुछ भी होता है तो अपने परिवार वालों को जरूर बताएं। क्योंकि वही पहले और आखिरी शुभचिंतक होते हैं।
- कादम्बरी सिंह
जब तक छात्राएं या महिलाएं अपने अंदर आत्मविश्वास नहीं जगाएंगी। तब तक उन्हें डर लगता रहेगा। कहीं जाएं तो ये सोचकर निकलें कि समाज में एक दुश्मन है तो हजारों उनके रक्षक हैं। तभी उनके दिल से डर निकलेगा।
- आस्था सिंह
सुरक्षा चाहे महिलाओं की हो या छात्राओं की, इसमें सबसे आगे समाज को आगे आना होगा। तभी हमारे समाज में सुधार आएगा और महिलाएं सुरक्षित रहेंगी। ये किसी एक व्यक्ति के हाथ में नहीं है। सभी को सहयोग करना होगा।
- आकांक्षा