उझानी (बदायूं)। सत्योदय शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज वनगवां में अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत शुक्रवार को ‘बुजुर्ग हमारे भगवान, इनकी करें सेवा’ कार्यक्रम में छात्राओं को अच्छे संस्कार अपनाने के साथ ही अपने परिवार के बुजुर्गों के लिए सम्मान प्रदान करने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने बेटियों की ससुराल को पराया घर कहे जाने पर ऐतराज किया। कहा कि परिवार के लोग बेटियों को यह समझाने लगें कि आगे चलकर उन्हें अपने घर जाना है तो स्वत: ही सास और ससुर के प्रति आदर भाव जाग्रत होगा। इससे बेटियों का मान ही बढ़ेगा।
कार्यक्रम शुरू होने पर प्रमुख वक्ताओं में शामिल पूर्व क्रीड़ाधिकारी सुभाषचंद्र मिनोचा, मेरे राम सेवा संस्थान के संस्थापक रवि समदर्शी महाराज और समाजसेविकाओं में करुणा सोलंकी, शीतल राणा और संध्या सिंह ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया। मिनोचा ने कहा कि संस्कारों को प्रथम पाठशाला मां है। वही बेटियों को ऐसे संस्कार देती है जो उसे समाज में अच्छे बुरे का अहसास कराता है। उन्होंने इसके कई उदाहरण भी दिए। कहा कि घर-परिवार में बुजुर्ग की अहमियत का अहसास उनके नहीं होने पर होता है। बेटियों के आगे बढ़ने से ही सुख और शांति की अनुभूति होती है। रवि समदर्शी महाराज ने कहा कि धरती पर भगवान का रूप ही मां-बाप हैं। उनकी सेवा से आत्मीय सुख महसूस होता है। भगवान राम जब वन को निकले तो उन्होंने सबसे पहले मां कैकई को उनके आदेश के प्रति आदर भाव प्रदर्शित किया। भगवान राम जैसा मर्यादित आचरण इंसान को महान बना देता है। करुणा सोलंकी और शीतल राणा ने भी बेटियों को बुजुर्गों के सम्मान का पाठ पढ़ाया। शिक्षिका आराधना चौहान ने गीत के माध्यम से घर-परिवार के बुजुर्गों की अहमियत समझाई। डाक विभाग की संध्या सिंह ने बेटियों की शिक्षा पर जोर दिया। इसके अलावा प्रदीप चौहान, प्रतापभानु सिंह और फरीन ने भी सेवाभाव पर जोर दिया। संचालन कॉलेज के मैनेजर सत्येंद्र सिंह चौहान ने किया।
छात्राएं बोलीं, हम करेंगे समाज को जागरूक
कार्यक्रम में हाईस्कूल और इंटर की छात्राओं ने बुजुर्गों को भगवान की तरह सम्मान देने और उनकी सेवा के लिए समाज को जागरूक करने की भी शपथ ली। मुख्य अतिथि सुभाषचंद्र मिनोचा ने उन्हें संकल्प दिलाया कि अगर वे अपने घर के हर सदस्य को इसके लिए जाग्रत करें तो इसके बाद समाज में भी जागरूकता का माहौल बनेगा। कॉलेज की शिक्षिकाओं ने छात्राओं को उनके दायित्व का बोध कराया। समापन पर प्रबंधक ने सभी का आभार व्यक्त किया।