सहसवान (बदायूं)। अमर उजाला फाउंडेशन के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स के तहत मंगलवार को नगर के पन्नालाल नगर पालिका इंटर कॉलेज में कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं को पर्यावरण प्रदूषण की जानकारी देते हुए इससे होने वाले नुकसान और इससे बचने के उपायों के बारे में जानकारी दी गई। छात्राओं को समझाया गया कि बहुत से उपाय कर पर्यावरण प्रदूषण को कम करने में हम अपना योगदान दे सकते हैं।
मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. इमरान हसन सिद्दीकी ने बताया कि विज्ञान के इस युग में जहां हमें कुछ वरदान मिले हैं, तो वहीं अभिशाप भी मिले हैं। इस समय वायु प्रदूषण से लोगों को सांस लेना दूभर है, अब ये बहुत बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। अगर जल्द ठोस कदम नहीं उठाया गया तो एक दिन आसमान काला हो जाएगा। डॉ. अरशद अली ने बताया तेजी से बढ़ रहे वायु प्रदूषण से कई बीमारियां हो सकती हैं। लोगों को सांस, दमा, आंखों में जलन और हृदय रोगियों को नुकसान है। वहीं पर्यावरण खतरे में है। इसके लिए लोग धुआं न करें। खेतों में पराली न जलाएं।
प्रधानाचार्य डॉ. दबीरूल हसन ने कहा कि इस समय वैसे भी मौसम में नमी है। इससे धुआं ऑक्सीजन के साथ लोगों के शरीर में पहुंच रहा है। जो बेहद खतरनाक साबित हो रहा है। अगर इसे रोका नहीं गया तो एक दिन लोगों की दम घुटने लगेगा। कार्यक्रम का संचालन सहायक अध्यापक मोहम्मद इमरान ने किया।
वायु प्रदूषण से सर्वाधिक नुकसान
वायु प्रदूषण से हमारे फेफड़ों को सर्वाधिक नुकसान पहुंचता है, जिससे कई बीमारियां हो जाती हैं। युवा वर्ग को सबसे ज्यादा क्षति पहुंच रही है। क्योंकि वे अक्सर घर से बाहर रहते हैं। उन्हें फैक्टरी, कारखानों में धुआं, गैस का सामना करना पड़ता है।
-उन्जिला नाज
एक ओर यातायात के साधन बढ़ और सुगम हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पर्यावरण को काफी नुकसान हो रहा है। कोशिश करें कि धुआं छोड़ने वाले वाहनों को कम चलाएं। वाहन धुआं छोड़ रहा है तो उसकी तुरंत मरम्मत कराएं।
-कोमल सक्सेना
ग्रामीण क्षेत्र में लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं। वे धुएं से होने वाले नुकसान के बारे में नहीं जानते। ऐसे लोगों को गांव जाकर जागृत करना चाहिए। उन्हें धुएं से होने वाले प्रदूषण के बारे में जानकारी देनी चाहिए। तभी वह पर्यावरण के प्रति सचेत होंगे।
-सुमायला
वायु प्रदूषण से किसी एक व्यक्ति को नुकसान नहीं है। इससे हर चीज को नुकसान है। फिर चाहे मनुष्य हों या फिर जीव-जन्तु, पेड़ पौधे सभी को खतरा है। सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए। ज्यादा पौधे लगाए जाएं और उनको सुरक्षित रखा जाए।
-सोनाली माहेश्वरी