बदायूं। वजीरगंज में एक किसान से रिश्वत लेते पकड़ा गया लेखपाल शुक्रवार को बरेली जेल भेज दिया गया। शुक्रवार को इस मामले की विवेचना भी एंटी करप्शन विभाग को ट्रांसफर कर दी गई। अब इसकी विवेचना एंटी करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर इश्तियाक वारसी करेंगे।
बृहस्पतिवार सुबह लेखपाल आदित्य कुमार तोमर वजीरगंज कस्बे में स्थित अपने कमरे पर रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया था। एंटी करप्शन विभाग के अनुसार लेखपाल काफी समय से मकरंदपुर के किसान लक्ष्मण को परेशान कर रहा था। वह खेत की पैमाइश करने के लिए उससे 50 हजार रुपये मांग रहा था।
इसकी सूचना पर सुबह एंटी करप्शन विभाग की टीम ने उसके कमरे की घेराबंदी कर दी। जैसे ही किसान ने एंटी करप्शन विभाग द्वारा दिए गए पांच हजार रुपये लेखपाल को दिए कि तभी उसे पकड़ लिया गया। इस संबंध में बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई। रातभर लेखपाल को सिविल लाइंस थाने में रखा गया। वह थाने की हवालात में रात भर करवटें बदलता रहा। शुक्रवार सुबह उसे बरेली एंटी करप्शन विभाग भेज दिया गया। वहीं से उसे बरेली जेल भेज दिया गया। एंटी करप्शन विभाग के इंस्पेक्टर रामलाल पांडेय ने बताया कि इस मामले से जुड़ी विवेचना भी सिविल लाइंस थाने से ट्रांसफर होकर आ गई है। अब इसकी विवेचना विभाग के ही इंस्पेक्टर इस्त्याक वारशी करेंगे।
लेखपाल को निलंबित करने की कार्रवाई शुरू
- रिश्वत लेते पकड़े गए लेखपाल को निलंबित करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। एडीएम प्रशासन विजय कुमार सिंह ने बताया कि इस घटना से संबंधित पत्र शुक्रवार शाम को ही प्राप्त हुआ है। इससे हमने एसडीएम बिसौली को पत्र भेजा है। लेखपाल को वहीं से निलंबित किया जाएगा।