बदायूं में चर्चित एचपीसीएल प्लांट हत्याकांड के मुख्य आरोपी सैजनी गांव निवासी अजय प्रताप सिंह के परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब उसके पिता और ताऊ समेत अन्य परिवारीजनों पर सरकारी बंजर भूमि पर अवैध कब्जा कर पक्का मकान बनाने का मामला सामने आया है। क्षेत्रीय लेखपाल हेम सिंह की शिकायत पर मूसाझाग पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, थाना मूसाझाग क्षेत्र के ग्राम सैजनी में स्थित गाटा संख्या 1750/4.503 हेक्टेयर की बंजर भूमि में से करीब 450 वर्ग मीटर जमीन पर अजय के ताऊ राकेश सिंह व उसके पिता राजेश सिंह तथा उनके अन्य परिवारीजनों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर मकान का निर्माण कराया गया। दातागंज तहसील प्रशासन की जांच में सामने आया है कि यह भूमि राजस्व अभिलेखों में बंजर दर्ज है, जिस पर किसी भी प्रकार का निजी निर्माण नियमों के विरुद्ध माना जाता है।
पुलिस ने शुरू की जांच
मामले का खुलासा तब हुआ जब क्षेत्रीय लेखपाल हेम सिंह ने मौके का निरीक्षण कर अनियमितता पाई और थाना मूसाझाग में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया कि संबंधित लोगों ने बिना किसी अनुमति के सरकारी भूमि पर कब्जा कर पक्का मकान खड़ा कर लिया है, जो स्पष्ट रूप से अवैध है।
इंस्पेक्टर वीरेंद्र तोमर ने बताया शिकायत के आधार पर पुलिस ने राकेश सिंह, राजेश सिंह तथा अन्य अज्ञात परिवारीजनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। मामले की जांच उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार को सौंपी गई है, जो पूरे प्रकरण की गहनता से जांच कर रहे हैं।
12 मार्च को प्लांट में हुई थी दो अफसरों की हत्या
एचपीसीएल प्लांट में 12 मार्च को कंपनी के दो अधिकारियों सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। इस हत्याकांड में अन्य आरोपियों की भी संलिप्तता सामने आई है, जो घटना के बाद से फरार हैं। अजय के परिजनों पर भी साजिश में शामिल होने के आरोप लगे हैं। उनके खिलाफ थाना और तहसील स्तर पर अब तक नौ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं।