जिले में डेयरी परियोजना का कार्य पिछड़ने पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय और बैंक अधिकारियों की क्लास ली। कहा, चालू माह के अंत तक शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति सुनिश्चित करें। विभिन्न नौ बैंकों के स्तर पर अभी तक कामधेनु, मिनी कामधेनु और माइक्रो कामधेनु से संबंधित ऋण के 40 प्रकरण लंबित हैं।
शुक्रवार को जिलाधिकारी शंभूनाथ ने कलेक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में पशु चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित कामधेनु, मिनी कामधेनु और माइक्रो कामधेनु योजना की विभागीय और बैंक अधिकारियों के साथ गहन समीक्षा की। योजना में मात्र 50 प्रतिशत ही लक्ष्य पूर्ति हुई है, जबकि यह योजना मुख्यमंत्री की महात्वाकांक्षी योजनाओं में शामिल है। उन्होंने बैंक अधिकारियों को निर्देेश दिए कि माह के अंत तक जिन बैंकों में डेयरी परियोजना के मामले लंबित हैं, उनको प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए।
लक्ष्य को लेकर बनी खराब तस्वीर
पशु चिकित्सा विभाग द्वारा संचालित कामधेनु योजना में छह डेयरी खोले जाने का लक्ष्य प्राप्त हुुआ था जिसके सापेक्ष अब तक मात्र एक ही डेयरी शुरू हुई है। कामधेनु योजना की कुल लागत एक करोड़, 21 लाख रुपये से सौ दुधारू जानवरों का पालन किया जाएगा। मिनी कामधेनु योजना के तहत 36 डेेयरी का लक्ष्य निर्धारित था जिसके सापेक्ष अबतक 30 प्रकरणों में ऋण स्वीकृति हो चुकी है। यह योजना 50 दुधारू जानवरों के पालन को 50 लाख, 58 हजार रुपये लागत की है। माइक्रो कामधेनु योजना में 50 डेयरी स्थापित कराए जाने का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष अब तक छह मामलों में ही ऋण स्वीकृति प्राप्त हो पाई है। यह योजना 25 दुधारू जानवरों के पालन को 27 लाख रुपये लागत की है।
इन बैंकों में डेयरी परियोजना के मामले लंबित
डेयरी योजना के विभिन्न बैंको में 40 प्रकरण लंबित है। जिलाधिकरी शंभूनाथ ने समीक्षा के दौरान पाया कि पीएनबी के स्तर पर 15, एसबीआई नौ, बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरियंटल बैक ऑफ कामर्स, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के स्तर पर तीन-तीन, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के स्तर पर चार और केनरा बैंक, सिंडीकेट बैंक, आईडीबीई बैंक के स्तर पर एक-एक ऋण का मामला लंबित है। इन बैंकों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण के निर्देश दिए हैं।