फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रमाण पत्र न बनने से नाराज दिव्यांगों का हंगामा, सीएमएस और सीएमओ ऑफिस घेरा

विज्ञापन
ॉएमओ कार्यालय के घेराव को पहुंचे दिव्यांगों को समझाते एसीएमओ डॉ. तहसीन। संवाद - फोटो : BADAUN
विज्ञापन
बदायूं। दिव्यांगों ने सोमवार को पहले जिला अस्पताल और बाद में सीएमओ कार्यालय में हंगामा किया। डॉ. हरीश राजपूत प्रमाणपत्र जारी कर रहे थे। तमाम औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 120 दिव्यांगों को ही प्रमाणपत्र जारी किए जा सके। ऐसे में शेष दिव्यांगों ने दोनों अफसरों के दफ्तरों का घेराव किया। इस दौरान डॉक्टर और स्टाफ से उनकी नोकझोंक भी हुई।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में हर सोमवार को दिव्यांग बोर्ड बैठता है। इस बार भी बड़ी संख्या में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाने पहुंचे थे। हंगामा होने पर करीब तीन बजे डॉ. हरीश राजपूत अपने कक्ष से चले गए। इसके बाद करीब दो सौ दिव्यांग सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम के कार्यालय पहुंच गए। यहां कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए। सीएमएस ने उनसे बात की और दिव्यांग प्रमाणपत्रों के संबंध में सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय के सामने समस्या रखने का सुझाव दिया।
करीब आधा घंटे तक सीएमएस कार्यालय का घेराव करने के बाद दिव्यांग सीएमओ डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय के कार्यालय पहुंच गए। सभी दिव्यांग यहां कार्यालय में घुसने की कोशिश करने लगे। सीएमओ ने कार्यालय के बाहर हंगामा कर रहे दिव्यांगों को सूचना भेजी कि दो से पांच लोग उनके कार्यालय में आकर बात कर सकते हैं। इसके बाद दो लोग कार्यालय के अंदर पहुंचे और सभी दिव्यांगों को प्रमाणपत्र जारी कराने की मांग की।
विज्ञापन

साथ ही प्रतिदिन दिव्यांग बोर्ड और ब्लॉक स्तर पर प्रमाणपत्र जारी करने की मांग की। सीएमओ ने दिव्यांगों से कहा कि शासनादेश के अनुसार ही काम होगा। दिव्यांग बोर्ड के लिए डॉक्टर उपलब्ध कराना सीएमएस का काम है। अगर सीएमएस डॉक्टर उपलब्ध करा देते हैं तो वह ब्लॉक स्तर पर भी व्यवस्था करा सकते हैं। बाद में हंगामा कर रहे दिव्यांगों को एसीएमओ डॉ. तहसीन ने समझाकर शांत कराया।
आवास योजना में प्राथमिकता के बाद बढ़े कई गुना आवेदक
सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना में दिव्यांगों को प्राथमिकता देने की पिछले दिनों घोषणा की थी। इसके बाद दिव्यांग प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए आवेदनों की संख्या कई गुना तक बढ़ गई है। आवास योजना में प्राथमिकता की घोषणा से पहले सप्ताह में 50-60 आवेदन ही आते थे, लेकिन अब सप्ताह में 400-500 आवेदन आ रहे हैं। सोमवार को करीब 500 लोग प्रमाण पत्र बनवाने पहुंचे। कई के साथ उनके परिजन भी थे। ऐसे में भीड़ और बढ़ गई।
एक दिन में 120 से ज्यादा प्रमाणपत्र जारी किए गए। यह कम संख्या नहीं है। प्रमाणपत्र जारी करना सीएमओ का काम है। बोर्ड में हमारे डॉक्टर होते हैं। प्रमाणपत्र न बनने से नाराज कुछ लोगों ने हंगामा किया। उन लोगों को समझा दिया गया है। -डॉ. विजय बहादुर राम, सीएमएस
प्रमाणपत्र न बनने से नाराज कुछ दिव्यांग सोमवार को कार्यालय आए थे। उनकी समस्या सुनी। दिव्यांग बोर्ड के लिए हमारे पास हड्डी रोग विशेषज्ञ नहीं है। अगर सीएमएस डॉक्टर उपलब्ध कराते हैं तो हम ब्लॉक स्तर पर भी यह सेवा शुरू कर सकते हैं। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें