शाहजहांपुर। तबीयत बिगड़ने से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत होने पर परिजनों ने जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है। मामले का संज्ञान लेते हुए डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने सिटी मजिस्ट्रेट प्रवेंद्र कुमार को जांच दी है।
निगोही रोड पर गदियाना चुंगी के पास रहने वाली प्रीति शंखवार (42) 2008 में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नियुक्त हुईं थीं। पति संतोष शंखवार ने बताया कि उनकी पत्नी हृदय रोग की मरीज थीं। उनका इलाज चल रहा था। एसआईआर कार्य के लिए उनको बीएलओ बनाया गया था।
उन पर काम का काफी दबाव बनाया गया। कई माह से उनका मानदेय 295 रुपये प्रतिमाह कटकर आ रहा था। इसकी जानकारी करने के लिए वह बेटे के साथ विकास भवन स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा पहुंचीं। बैंककर्मियों ने बताया कि उनके खाते पर ऋण लिया गया है जिसकी किस्त कट जाती है। इस पर उन्होंने कोई ऋण लेने से इन्कार किया।
उनके कहने पर भी बैंक कर्मचारियों ने खाते की पूरी डिटेल नहीं दी। कहा कि यह खाता बंद कराकर दूसरा खुलवा लो। कर्मचारियों ने यह तो बताया कि किसी ने मार्केटिंग ऋण लिया है लेकिन ऋण लेने वाले का नाम नहीं बताया। इस पर प्रीति ने दूसरा खाता खुलवा लिया।
परिजनों ने बताया कि 17 फरवरी को वह डीपीओ अरविंद रस्तोगी से नए खाते को पोर्टल पर चढ़ाने की बात कहने गईं थीं। आरोप है कि इस दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया और उनको कमरे से बाहर निकाल दिया। दो माह से उनका मानदेय भी नहीं आया था। इस वजह से वह परेशान रहने लगीं।
मंगलवार को उनकी हालत ज्यादा बिगड़ गई। उनको अंटा रोड स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार को सुबह हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। लखनऊ ले जाते समय उनकी रास्ते में मौत हो गई। उनकी मौत के बाद उनकी बेटी ने एंबुलेंस में बैठकर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में डाला जिसमें वह कह रही है कि छोटी सी नौकरी में काफी दबाव बनाया गया। संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती।
ऋण चुकता होने से पहले नहीं खुल सकता खाता
जिला कार्यक्रम अधिकारी अरविंद रस्तोगी ने बताया कि अगर किसी भी खाते पर ऋण लिया जाता है तो उसमें खाताधारक की सहमति होती है। पहले खाते का निस्तारण नहीं होने पर उसी बैंक में दूसरा खाता नहीं खोला जा सकता। विभाग की ओर से हर माह पुराने खाते में मानदेय भेजा जा रहा था। उनके ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, वे बिल्कुल निराधार हैं।
डीएम के निर्देश पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मौत के मामले में जांच कर रहे हैं। संबंधित लोगों के बयान लिए जा रहे हैं। इसी के आधार रिपोर्ट बनाकर प्रस्तुत की जाएगी।
- प्रवेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट
जो भी घटना हुई है, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। काम के दबाव, भुगतान, दुर्व्यवहार आदि के जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की ओर पीड़ित परिवार की हरसंभव मदद करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
- धर्मेंद्र प्रताप सिंह, डीएम