जिले में गेहूं खरीद कार्य की नैया डांवाडोल है। अव्यवस्थाओं के बीच लक्ष्य पाने की कोशिश की जा रही है। एजेंसियां जैसे-तैसे आधा लक्ष्य पार कर पाई हैं। किसान अभी परेशान का परेशान है। अभी भी पांच-छह केंद्र खुले नहीं हैं। गत दिवस तक जिले में 62000 मीट्रिक टन के सापेक्ष 32193.80 मीट्रिक टन खरीद हो चुकी है।
जिले में सात एजेंसियों को गेहूं खरीद का जिम्मा दिया गया था। एजेंसियों को इस वार गत वर्ष की अेक्षा 40000 मीट्रिक टन का लक्ष्य कम दिया गया था। एजेंसियों ने इस लक्ष्य को नगण्य माना और खरीद में लापरवाही दिखाई। हालात ये भी हैं कि जो छूट गेहूं पर मिली उसका लाभ किसान को नहीं मिल सका। शुरूआत ही खरीद एजेंसियों के माफिक रही। जहां गत वर्ष एक लाख, दो हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य था, घटाकर 62000 मीट्रिक टन ही रखा गया। किसानों को कितना खराब गेहूं खरीदा गया है? इसका क्रय एजेंसियों ने कोई हिसाब नहीं रखा है।
एजेंसियों द्वारा अब तक खरीदा गेहूं (मीट्रिक टन में)
विपणन शाखा- 5350.50
पीसीएफ- 11426.00
एसएफसी- 937.30
यूपीएसएस- 6415.00
यूपी एग्रो- 3402.00
ककनिगम- 1196.00
एफसीआई- 3467.00
कुल खरीद- 32193.80
सिद्ध बरौलिया क्रय केंद्र विवादों में
बिल्सी तहसील क्षेत्र में लापरवाह केंद्रों में सिद्ध बरौलिया केंद्र भी है। इस सेंटर पर अभी तक केवल तीन मीट्रिक टन ही गेहूं खरीदा गया है। किसानों की शिकायत है कि उनका कुछ खराब गेहूं भी नहीं खरीदा गया।
खरीद केंद्रों पर सभी केंद्र प्रभारियों को जो दिशा निर्देश दिए गए हैं। उन पर अमल जरूरी है। किसी कारणवश कुछ केंद्र संचालित नहीं हुए हैं। उन्हें कम दर्शाने की प्रक्रिया पूरी हो रही है। खरीद का आधा लक्ष्य पूरा हो चुका है। हम मानते हैं कि खरीद का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। - आरपी यादव, एडीएम वित्त/ खरीद प्रभारी