बदायूं। विवेचना में आठ साल पहले मर चुके ग्रामीण का नाम बढ़ाकर दरोगा मुकेश त्यागी अब अपने ही बुने जाल में फंस गए हैं। विवेचना के दौरान दाखिल कागजों में दरोगा ने दर्शाया है कि प्रधान के घर पर जसपाल को बुलाकर नोटिस पर हस्ताक्षर कराए थे। सवाल यह है कि जो जसपाल आठ साल पहले मर गया वह हस्ताक्षर करने प्रधान के घर कैसे आ सकता है। अब विवेचक 11 सितंबर को कोर्ट में अपना जवाब पेश करेंगे।
बदायूं में सांपों के जोड़े को लाठी से पीटकर मारने के मामले में तफ्तीश करने वाले दरोगा मुकेश त्यागी बुरी तरह से फंस गए हैं। दरोगा ने वादी विकेंद्र शर्मा के हवाले से मृतक का नाम चार्जशीट में बढ़ाया है। जबकि विकेंद्र का कहना है कि उन्होंने दरोगा को कोई बयान नहीं दिया। यहां तक कि इस मामले को लेकर कभी थाने भी नहीं गए। दरोगा का यह भी तर्क है कि उसने गांव के प्रधान के आवास पर पहुंचकर आरोपियों को नोटिस तामील कराए। जबकि आरोपी की आठ साल पहले ही मौत हो चुकी है। अब कोर्ट ने पुलिस से इस मामले में आख्या तलब की है। माना जा रहा है कि मनमाने ढंग से जांच करने वाले दरोगा के खिलाफ कार्रवाई तय है।
ये था पूरा मामला
उझानी इलाके के गांव बरायमय खेड़ा में रहने वाले राजपाल मौर्य के घर 9 अक्टूबर 2023 को कामन करैत प्रजाति के सांप का जोड़ा कहीं से आ गया था। राजपाल ने वन विभाग को सूचना देने की जगह सांप के जोड़े को लाठी से पीटकर मार डाला। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया तो पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा ने उसके खिलाफ नामजद मुकदमा उझानी कोतवाली में दर्ज कराया। दरोगा ने राजपाल के अलावा जसपाल पुत्र कल्लू को भी आरोपी बना दिया। जबकि जसपाल की मौत 23 मार्च 2015 को हो चुकी है।
कोर्ट ने मांगी पुलिस से रिपोर्ट
मृतक जसपाल के बेटे भगवान दास ने कोर्ट में दिए शपथपत्र में बताया है कि उसके पिता की मौत हो चुकी है। मृत्यु प्रमाण पत्र भी दिया है। यह भी बताया है कि कोर्ट का नोटिस लेकर पुलिस उनके घर आती है और हड़काती है कि जसपाल को कोर्ट में पेश करो। जब पिता जिंदा ही नहीं तो भला कैसे कोर्ट में पेश करें। पीड़ित ने आरोपी दरोगा के खिलाफ अदालत से कार्रवाई की मांग की है। सीजेएम कोर्ट ने इस मामले में पुलिस से आख्या तलब की है।