जांच में ऐसे लोग पात्र मिले हैं, जिनके पिता या पत्नी पेंशन पा रहे हैं। एक ही घर में तीन-तीन सगे भाई-बहनों और पत्नियों को भी आवास देने का गंभीर आरोप लगाया जा रहा है। यहां तक लोगों का कहना है कि आयकर दाता और जीएसटी धारकों ने भी लाभ लिया है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पति के नाम से भी आवास लेने की बात सामने आई है। सभासद अपने-अपने वार्ड के लाभार्थियों के फॉर्म खुद ही पास कराते रहे। लोगों का आरोप है कि आवास पास होने से पहले और खाते में पैसा आने के बाद मोटी रकम वसूल की जाती है। कस्बा वासियों का कहना है कि अगर सही जांच हुई तो लेखपाल, कानूनगो से लेकर कई बड़े अधिकारियों की गर्दन फंसना तय है।
इन पात्रों को नहीं मिला आवास का लाभ
मोहल्ला कुम्हरान निवासी श्यामोली घरों में सफाई और बर्तन मांजकर बीमार पति और चार बच्चों का पालन करती हैं। थोड़ी जगह में टूटी कड़ियों की छत और त्रिपाल के नीचे परिवार रहता है। तीन बार आवेदन किया, लाभ नहीं मिला।
मोहल्ला कुम्हारन की ही सुनीता के पति भट्टे पर मजदूरी करते थे। 50 साल पुराना मकान है, बारिश में पूरा परिवार त्रिपाल के नीचे रात गुजारता है। चार बार आवेदन किया, नाम सूची में नहीं। जिम्मेदारों ने इनके नाम सूची में शामिल नहीं किए।
मोहल्ला नई बस्ती निवासी समीर बीमारी से दिव्यांग हैं, छत न होने से पत्नी छोड़ गई। भाई-बहन के सहारे जीवन गुजार रहे हैं। 100 गज का प्लॉट खाली पड़ा है। नगर पंचायत और जिलाधिकारी से शिकायत के बाद भी लाभ नहीं मिला।
अपात्रों को नोटिस देने का अधिकार डूडा को: एसडीएम
तहसील क्षेत्र के कस्बा इस्लामनगर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में कथित घोटाले का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। एसडीएम बिल्सी गौरव आर्य ने बताया कि उक्त प्रकरण में हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मामले से संबंधित प्रक्रिया में डूडा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। एसडीएम ने स्पष्ट किया कि इस संबंध में नोटिस जारी करने का अधिकार डूडा विभाग को ही है। उन्होंने कहा कि न्यायालय के निर्देश प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।